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दुर्घटनाओं पर ब्रेक क्यों नहीं? यातायात व्यवस्था और अधिकारियों की लापरवाही पर सवाल

उन्नाव: सड़क हादसे हमारे समाज में एक गंभीर समस्या बने हुए हैं। वाहन चालकों की लापरवाही और तेज़ रफ्तार न केवल जानलेवा होती है, बल्कि यह हमारी यातायात व्यवस्था की कमजोरियों को भी उजागर करती है। हर हादसे के बाद चालान और जुर्माना लगाकर औपचारिकता पूरी कर दी जाती है, लेकिन असल समस्या को सुलझाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाते।

तेज़ रफ्तार और यातायात नियमों का उल्लंघन, इन हादसों के मुख्य कारण हैं। सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता, नियमों का सख्ती से पालन, और आधुनिक तकनीकों का उपयोग आवश्यक है। केवल दंडात्मक उपायों से समस्या का समाधान नहीं होगा; इसके लिए स्थायी योजनाओं और समर्पित प्रयासों की जरूरत है।

कल जिले के थाना गंगाघाट क्षेत्र में शुक्रवार को भीषण सड़क हादसा हो गया. ट्रांसगंगा सिटी के गेट नंबर 1 के पास एक अज्ञात वाहन ने स्कूटी सवार दो युवतियों को टक्कर मार दी. इस दौरान सड़क हादसे में एक मेडिकल छात्रा की मौत हो गई, जबकि दूसरी छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई. राहगीरों ने सड़क हादसे की सूचना पुलिस को दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुट गई है लेकिन सोचने वाली बात यह है कि शहर में यातायात व्यवस्था इतनी दुरुस्त होने के बाद भी अगर इस प्रकार के तेज वाहन से दुर्घटनाये हो रही है तो इसमें यातायात प्रभारी एवं क्षेत्राधिकारी अवश्य लापरवाही बरत रहीं है.

नवम्बर माह में होने वाली घटनाएँ कुछ इस प्रकार:-

 

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