वाराणसी। वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज में मंगलवार को एक विवादित घटना घटी, जब कुछ छात्रों ने कॉलेज परिसर स्थित मस्जिद के पास हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान सात छात्रों को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
विदेशी छात्रों का विरोध
उदय प्रताप कॉलेज के छात्र नेता विवेकानंद सिंह ने दावा किया कि मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए “बाहरी लोग” इकट्ठा हो गए थे, जिसके विरोध में उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ करने का निर्णय लिया। सिंह ने कहा, “अगर यहां के छात्र मस्जिद या मंदिर में नमाज या पूजा करते हैं तो हमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कॉलेज परिसर में बाहरी लोग नमाज पढ़ने के लिए भीड़ जमा करें, यह हमें स्वीकार्य नहीं है।”
हनुमान चालीसा का पाठ करने पर पुलिस ने किया हस्तक्षेप
विवेकानंद सिंह के अनुसार, हनुमान चालीसा का पाठ करने के बावजूद पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन छात्र अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पाठ करते रहे। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने बाद में सात छात्रों को हिरासत में लिया, लेकिन शाम तक सभी को छोड़ दिया गया।
पुलिस का बयान
कैंट क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्त विदुष सक्सेना ने बताया कि पुलिस ने घटना के बाद छात्रों को शांत कर लिया और उन्हें वापस भेज दिया। उन्होंने यह भी बताया कि छात्रों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन शाम तक उन्हें छोड़ दिया गया।
कॉलेज और मस्जिद विवाद
यह विवाद कॉलेज परिसर में स्थित मस्जिद के संबंध में एक पुराने विवाद को भी उजागर करता है। उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने 2018 में कॉलेज को नोटिस भेजकर दावा किया था कि मस्जिद वक्फ बोर्ड की संपत्ति है। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने इस दावे को नकारते हुए कहा कि मस्जिद अवैध रूप से बनाई गई है और कॉलेज की संपत्ति ट्रस्ट की है, जिसे न तो खरीदा जा सकता है और न ही बेचा।
यह घटना स्थानीय समुदाय में तनाव का कारण बनी है और पुलिस प्रशासन से इस मामले में और सख्त कदम उठाने की मांग की जा रही है।