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संभल हिंसा: विदेशी फंडिंग और पाकिस्तानी कारतूस का एंगल आया सामने

संभल में हाल ही में हुई हिंसा के दौरान मिले पाकिस्तानी और अमेरिकी निर्मित कारतूस और खोखों ने खुफिया एजेंसियों और पुलिस को अलर्ट कर दिया है। विदेशी फंडिंग का शक गहराता जा रहा है, और जांच में विदेशी हथियारों के इस्तेमाल की संभावना की पुष्टि हो रही है।
क्या है मामला?
मंगलवार को संभल के मोहल्ला कोटगर्वी में जामा मस्जिद के पास कूड़े में पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्टरी में बने 9एमएम के कारतूस और खोखे मिले। इसके अलावा, अमेरिका में निर्मित कारतूस के दो खोखे और .32 बोर के भी दो अन्य खोखे बरामद हुए।
इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने हिंसाग्रस्त इलाकों में मेटल डिटेक्टर और पालिका कर्मियों की मदद से नाले-नालियों की गहन छानबीन की। हालांकि, बुधवार को सर्च ऑपरेशन में कोई नया सबूत नहीं मिला।

विदेशी फंडिंग का शक गहराया
विदेशी कारतूस मिलने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या हिंसा में विदेशी फंडिंग का हाथ है।
  • 9एमएम बोर के हथियार आम जनता के लिए प्रतिबंधित हैं और केवल सुरक्षा बलों द्वारा इस्तेमाल किए जाते हैं।
  • ऐसे में यह अंदेशा है कि यह हथियार विदेश से तस्करी कर लाया गया है।
  • एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि जिन हथियारों में इन कारतूसों का इस्तेमाल हुआ, उनकी तलाश जारी है।
पुलिस और एलआईयू (लोकल इंटेलिजेंस यूनिट) ने बुधवार को पूरे दिन टंकी रोड और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया।
  • पालिका कर्मियों से नालियों की सफाई कराई गई।
  • मेटल डिटेक्टर से विदेशी कारतूसों और हथियारों की तलाश की गई।
हालांकि, दिनभर के ऑपरेशन के बाद टीम को कुछ भी नया हाथ नहीं लगा।
एसपी का बयान
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा कि मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। जांच एजेंसियों को बुलाए जाने की संभावना है। विदेशी हथियार और कारतूस मिलने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
विदेशी एंगल चिंता का विषय
संभल में पाकिस्तानी कारतूस और विदेशी फंडिंग का एंगल सामने आना गंभीर मामला है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं कि इस हिंसा में विदेशी ताकतों का हाथ कितना गहरा है।
स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और सख्त की जा रही है, और जल्द ही दोषियों की गिरफ्तारी की उम्मीद है।

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