सरोजनी नगर के नूरपुर भादरसा में कबाड़ गोदाम में लगी भीषण आग

– दमकल विभाग ने 5 घंटे की मेहनत से पाया काबू
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के सरोजनी नगर स्थित नूरपुर भादरसा में मंगलवार सुबह एक कबाड़ गोदाम में भीषण आग लग गई, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें और धुआं देखकर स्थानीय लोगों में डर फैल गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग को बुझाने के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया। लगभग पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। आग बुझने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली और बड़ी दुर्घटना टल गई।
दमकल विभाग को मिली आपातकालीन सूचना
मुख्य अग्निशमन अधिकारी मंगेश कुमार ने बताया कि सरोजनी नगर फायर स्टेशन के कंट्रोल रूम को MDT माध्यम से एक आपातकालीन सूचना प्राप्त हुई, जिसमें बताया गया कि नूरपुर भादरसा क्षेत्र में स्थित एक कबाड़ गोदाम में भीषण आग लग गई है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की तीन फायर टेंडर (संख्या 2945, 5725, 8717) मय यूनिट घटनास्थल पर रवाना की गई।
स्थानीय लोगों के साथ मिलकर शुरू किया बचाव कार्य
घटनास्थल पर पहुंचने के बाद दमकल कर्मियों ने पाया कि गोदाम के बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर में आग फैल चुकी थी। गोदाम में बड़ी मात्रा में कबाड़ और गद्दे में उपयोग होने वाला फोम भरा हुआ था, जिससे आग भयावह रूप धारण कर चुकी थी। आग की लपटें पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले चुकी थीं। इस दौरान, गोदाम के पीछे मोहल्ले में लगभग 40-50 मजदूर भी रहते थे। वे स्वयं मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में मदद करने लगे।
आग बुझाने के लिए जुटाई गई अतिरिक्त फायर टेंडर
आग की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त दमकल गाड़ियों की आवश्यकता महसूस हुई। इसके बाद एफएस गंज, एफएस आलमबाग और एफएस पीजीआई से फायर टेंडर (संख्या 4253, 0451, 0130) घटनास्थल पर भेजे गए। लगभग चार से पांच घंटे की अथक मेहनत और समन्वय के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
बड़ी दुर्घटना से बची जान-माल की सुरक्षा
इस भीषण अग्निकांड में सौभाग्यवश कोई जनहानि नहीं हुई। आग की वजह से लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया, लेकिन फायर विभाग की तत्परता और समर्पण ने एक बड़ी दुर्घटना को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घटना के बाद पता चला कि यह कबाड़ गोदाम वाहिद अली पुत्र गुलाम अली के स्वामित्व में था। दमकल विभाग की तेजी से की गई कार्रवाई ने न केवल जनहानि को रोका, बल्कि बड़ी संपत्ति के नुकसान को भी कम किया।



