आधार प्रमाणीकरण से संपत्ति पंजीकरण में बड़ा सुधार
1 फरवरी 2026 से ऑनलाइन रजिस्ट्री में e-KYC अनिवार्य, फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम

निश्चय टाइम्स डेस्क। स्टाम्प तथा पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने विधान भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में विभाग से जुड़े दस्तावेजों के ऑनलाइन पंजीकरण और आधार प्रमाणीकरण व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और नागरिक-हितैषी बनाने की दिशा में यह एक अहम कदम है।
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 28 अगस्त 2025 को हुई स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि छद्म व्यक्तियों (बेनामी/फर्जी) के माध्यम से होने वाली रजिस्ट्रियों पर रोक लगाई जाए। इसी क्रम में रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 की धारा-69 के अंतर्गत शक्तियों का प्रयोग करते हुए उत्तर प्रदेश ऑनलाइन दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण नियमावली, 2024 को लागू किया गया।
क्या है नई व्यवस्था?
इस नियमावली के तहत अब दस्तावेज पंजीकरण में—
- आधार संख्या के माध्यम से e-KYC से पहचान सत्यापित होगी
- इलेक्ट्रॉनिक / आधार ई-हस्ताक्षर को ई-निष्पादन का वैध माध्यम माना जाएगा
- पक्षकारों और गवाहों की पहचान का डिजिटल सत्यापन होगा
यह आधार प्रमाणीकरण व्यवस्था 01 फरवरी 2026 से प्रभावी होगी।
आम जनता को क्या लाभ?
नई प्रणाली से—
- फर्जी और बेनामी पंजीकरण पर प्रभावी रोक लगेगी
- पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी
- भूमि व संपत्ति धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी
- डिजिटल रजिस्ट्री सिस्टम और अधिक सशक्त होगा
- न्यायालयीन विवादों में गिरावट आएगी
- राज्य के डिजिटल गवर्नेंस लक्ष्यों को मजबूती मिलेगी
- नागरिकों के हितों और संपत्ति अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित होगा
सरकार का यह कदम संपत्ति पंजीकरण व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और जनता के लिए अधिक भरोसेमंद बनाने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।



