नई दिल्ली: अरविंद केजरीवाल के दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद उन्हें जल्द ही मुख्यमंत्री आवास खाली करना पड़ेगा। इस बीच, आम आदमी पार्टी (AAP) ने शुक्रवार को केजरीवाल के लिए सरकारी आवास की मांग की है। पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय (एचयूए) को पत्र लिखकर निवेदन किया जाएगा कि केजरीवाल को एक आवास उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि मंत्रालय एक-दो दिन में यह आवास आवंटित कर देगा।
चड्ढा ने कहा, “हर राजनीतिक दल को अपने अध्यक्ष के लिए राजधानी में काम करने हेतु एक कार्यालय और आवास का अधिकार होता है।” उन्होंने आगे कहा कि केजरीवाल पिछले 10 साल से जिस सरकारी बंगले में रह रहे हैं, उसे 15 दिनों के भीतर खाली कर देंगे। चड्ढा के अनुसार, केजरीवाल के पास अभी तक अपना घर नहीं है, जबकि कई पार्षदों और अन्य नेताओं के पास बंगले और गाड़ियां हैं।
BJP ने की कड़ी आलोचना
आम आदमी पार्टी की इस मांग पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। दिल्ली भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि जब अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था, तब ‘आप’ नेता संजय सिंह ने उनके द्वारा सरकारी सुविधाओं और बंगले को त्यागने की बात की थी। अब पार्टी के सांसद राघव चड्ढा उनके लिए सरकारी बंगला मांग रहे हैं।
कपूर ने कहा, “चड्ढा और अन्य ‘आप’ नेताओं को प्रेस कॉन्फ्रेंस का नाटक बंद कर देना चाहिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से सरकारी बंगला नहीं मिलेगा। उन्हें सीधा संबंधित विभाग में आवेदन करना चाहिए और केजरीवाल की योग्यता के आधार पर आवास प्राप्त करना चाहिए।”
BJP ने यह भी आरोप लगाया कि ‘आप’ जनता के सामने आदर्शवाद का प्रदर्शन करती है, जबकि पार्टी के नेता खुद सुविधाओं की मांग करते हैं।
पृष्ठभूमि में चल रही राजनीति
केजरीवाल के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद से दिल्ली की राजनीति में हलचल मची हुई है। उनकी पार्टी और विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर आमने-सामने हैं। जहां ‘आप’ ने अपने नेता के लिए सरकारी आवास की मांग की है, वहीं BJP इसे नैतिकता और आदर्शवाद की राजनीति के खिलाफ बता रही है।
आने वाले दिनों में इस विवाद के और गहराने की संभावना है, क्योंकि दोनों पक्ष अपनी-अपनी स्थितियों को सही ठहराने में जुटे हुए हैं।