महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के बीच समाजवादी पार्टी के नेता अबू असीम आजमी ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे को खुलेआम चुनौती दी है। लाउडस्पीकर और वोट जिहाद के मुद्दे पर बयान देते हुए अबू आजमी ने राज ठाकरे पर तीखा हमला किया और कहा कि अगर राज ठाकरे में इतनी हिम्मत है, तो पुलिस को हटाकर मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा, “हिम्मत है तो मानखुर्द शिवाजीनगर आओ, फिर देखो हम क्या करते हैं। हमने कभी मंदिरों में जाकर लाउडस्पीकर हटाने की बात नहीं की, तो बेवजह ऐसे फालतू बयान न दें।”
वोट जिहाद और साम्प्रदायिकता पर हमला
अबू आजमी ने वोट जिहाद के नाम पर हो रही राजनीति को गलत बताते हुए कहा कि “2014 से पहले ऐसी साम्प्रदायिक घटनाएं नहीं थीं। आज मुस्लिमों को ‘जय श्रीराम’ बोलने के लिए मजबूर किया जा रहा है और उन पर अत्याचार हो रहे हैं।” उन्होंने महायुति (राज ठाकरे के समर्थन वाले गठबंधन) पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसी राजनीति से देश को गुमराह नहीं किया जा सकता।
एमवीए का समर्थन और मुस्लिम लीग पर सफाई
अबू आजमी ने एमवीए गठबंधन का समर्थन करने के फतवे पर सफाई देते हुए कहा कि एमवीए कोई मुस्लिम लीग नहीं है, बल्कि कांग्रेस, शरद पवार और उद्धव ठाकरे जैसे सेकुलर नेताओं का समर्थन किया जा रहा है। उन्होंने महायुति पर हमला बोलते हुए कहा, “हमसे वोट की अपेक्षा करने वाले लोग पहले मुसलमानों पर अत्याचार करना बंद करें। जिहाद शब्द का दुरुपयोग बंद हो।”
योगी-मोदी पर निशाना
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘बटेंगे तो कटेंगे’ वाले बयान पर आजमी ने कहा कि “जुड़ेंगे तो मजबूत होंगे और देश को आगे बढ़ाएंगे।” उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग विकास के मुद्दों पर बात नहीं करते और मुसलमानों को निशाना बनाते हैं। उन्होंने शिवाजी महाराज के नाम पर हो रही राजनीति को भी आड़े हाथों लिया।
वक्फ की जमीनों पर टिप्पणी
अमित शाह के बयान पर कि एमवीए सरकार किसानों की जमीनें वक्फ को दे देगी, अबू आजमी ने इसे ‘फालतू बातें’ करार दिया। उन्होंने कहा कि वक्फ की जमीनें यतीमखानों और मस्जिदों के लिए बुजुर्गों ने दी थीं, और अब उन पर सरकारी दफ्तर बने हैं। केंद्र सरकार की राजनीति को पोलराइजेशन का प्रयास बताया और कहा कि अगर ये दो आधार टूट गए, तो सरकार गिर जाएगी।
अबू आजमी के इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है।