प्रयागराज में बुधवार सुबह UPPSC (उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग) के अभ्यर्थियों द्वारा प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। पुलिस ने कई छात्रों को जबरन घसीटते हुए हिरासत में लिया, जिससे धरना स्थल पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। छात्राओं का आरोप है कि उनके साथ अभद्रता की गई और उन्हें हिरासत में लेते समय कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। घटना के बाद कई छात्राएं घायल हो गईं, और अब उन्होंने धरने का नेतृत्व अपने हाथों में ले लिया है।
इस दौरान पुलिसकर्मी बिना वर्दी के दिखाई दिए, और छात्रों के मुताबिक, अभद्रता भी की गई। धरना स्थल के चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई है, और प्रदर्शनकारी पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
सपा नेता समेत तीन लोग जेल भेजे गए
बुधवार को सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ करने के मामले में पुलिस ने सपा नेता सहित तीन लोगों को जेल भेज दिया। इनमें सपा लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय महासचिव राघवेंद्र यादव, अभिषेक शुक्ला और शशांक दुबे शामिल हैं। पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर इनकी पहचान की और उन्हें हिरासत में लिया।
पुलिस के अनुसार, ये आरोपी मंगलवार को आयोग के पास सरकारी बैरियर और कोचिंग बोर्ड को नुकसान पहुंचाने में शामिल थे। कुल 12 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें से कई आरोपी अज्ञात थे और पुलिस उनके पहचान की कोशिश कर रही है।
जबरन कोचिंग बंद कराने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, तीसरा आरोपी शशांक दुबे करौरा, औरैया का रहने वाला है और खुद को प्रतियोगी छात्र बताता है। आरोप है कि वह कोचिंग संस्थानों को जबरन बंद कराने के लिए आंदोलन में शामिल था और आयोग के पास माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा था। अन्य आरोपियों को एसीपी कोर्ट से जमानत मिल गई, जबकि शशांक को जेल भेजा गया।
मामले की पृष्ठभूमि
आयोग के गेट नंबर दो के पास प्रदर्शनकारियों ने सरकारी लोहे के बैरियर और नगर निगम के खंभे पर लगे कोचिंग बोर्ड को तोड़ दिया था, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।