गोंडा

गोंडा में मिलावट का खेल: मिठाई, घी, खोवा, पान मसाला और चाय भी सुरक्षित नहीं

गोंडा। देवीपाटन मंडल के जिलों में त्योहारों के मौसम में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। देसी घी, खोवा, मिठाई के साथ ही पान-मसाला और चायपत्ती में जमकर मिलावट की जा रही है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच में अधिकतर नमूने फेल पाए गए हैं। साथ ही, इन उत्पादों में घातक केमिकल मिलाए जा रहे हैं, जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, त्योहारों में मिठाई को आकर्षक बनाने के लिए सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल हो रहा है, जो कि सस्ते होने के कारण धड़ल्ले से प्रयोग किए जा रहे हैं। यह केमिकल आधारित रंग न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं, बल्कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकते हैं। इसके अलावा, चायपत्ती में भी केमिकल युक्त नकली पत्तियां मिलाई जा रही हैं, जो अत्यधिक रंग छोड़ती हैं और सेहत के साथ खिलवाड़ करती हैं।
लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने केमिकल युक्त चायपत्ती की बिक्री पर रोक लगाई थी, लेकिन मिलावटखोरों की सक्रियता की सूचना फिर से मिली है। प्रशासन ने त्योहारों को देखते हुए सख्ती बरतने का निर्णय लिया है और सभी जिलों के अधिकारियों को मिलावटखोरों के खिलाफ युद्ध स्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

Related Articles

Back to top button