दिल्लीराजनीतिराष्ट्रीय

कई राज्यों में चुनाव हारने के बाद कांग्रेस में जल्द होगी संगठनात्मक सर्जरी

नई दिल्ली। कांग्रेस कई राज्यों में चुनाव हार चुकी है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का रिजल्ट जीरो रहा है। ऐसे में पार्टी के लिए लगातार हार चिंता का कारण बन रही है। यही वजह है कि कांग्रेस चुनाव प्रबंधन तंत्र मजबूत करने के लिए विचार विमर्श कर रही है। इसकी कमान प्रियंका गांधी को सौंपी जा सकती है।

कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) में भी व्यापक बदलाव किए जाने की संभावना है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘निष्क्रिय’ सदस्यों को हटाने का फैसला कर लिया है। इनमें एके एंटनी, अंबिका सोनी, मुकुल वासनिक और आनंद शर्मा शामिल हैं। दरअसल, पार्टी नेतृत्व को 36 सदस्यीय सीडब्ल्यूसी में कुछ नवनियुक्त पदाधिकारियों को शामिल करना है और इस वजह से कार्यसमिति में कुछ नई जगह बनानी होंगी। जयराम रमेश, गौरव गोगोई, रणदीप सुरजेवाला और चरणजीत सिंह चन्नी की भी जगह खाली हो रही है। गौरव गोगोई को असम में कांग्रेस का चेहरा बनाए जाने की संभावना है, जहां अगले साल की शुरुआत में चुनाव है। सुरजेवाला हरियाणा और चन्नी पंजाब में कांग्रेस इकाइयों का नेतृत्व करने की इच्छा रखते हैं। पिछले हफ्ते चन्नी का नाम एआईसीसी महासचिव के रूप में प्रस्तावित हुआ था, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए हाथ जोड़ लिए कि उनकी ज्यादा दिलचस्पी तो पंजाब की राजनीति में है।

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार पार्टी नेतृत्व रजनी पाटिल (हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ की प्रभारी महासचिव), बीके हरिप्रसाद (हरियाणा), हरीश चौधरी (मध्य प्रदेश), गिरीश चोडनकर (तमिलनाडु और पुडुचेरी), अजय कुमार लल्लू (ओडिशा), के। राजू (झारखंड), मीनाक्षी नटराजन (तेलंगाना), सप्तगिरी शंकर उल्का (मणिपुर, त्रिपुरा, सिक्किम और नगालैंड) और कृष्णा अल्लावरु (बिहार) को सीडब्ल्यूसी में शामिल करना चाहता है और इसलिए भी कुछ मौजूदा सदस्यों को हटाना जरूरी हो जाता है। दरअसल, कांग्रेस पार्टी के संविधान के अनुसार एआईसीसी महासचिवों को सीडब्ल्यूसी का सदस्य होना अनिवार्य है। इसी कारण इन पदाधिकारियों को पूर्णकालिक एआईसीसी महासचिव के बजाय ‘प्रभारी’ (इन-चार्ज) के रूप में नामित किया गया है। सीडब्ल्यूसी में शामिल होने के बाद वे पार्टी महासचिव के रूप में कार्य कर सकेंगे।

Related Articles

Back to top button