विश्व आदिवासी दिवस के समापन बाद विद्यार्थियों व कलाकारों ने संस्कृति मंत्री से की मुलाकात

इस वर्ष विश्व आदिवासी दिवस की थीम रही: ‘आदिवासी लोग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई): अधिकारों की रक्षा, भविष्य को आकार देना’
06 अगस्त 2025 को लखनऊ स्थित दूरदर्शन केंद्र में उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान एवं दूरदर्शन केंद्र, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर एक भव्य जनजातीय नृत्य रिकॉर्डिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर युवराज दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय, लखीमपुर खीरी की थारू छात्राओं द्वारा पारंपरिक जनजातीय नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी गई, वहीं रामआधार एवं दल (सोनभद्र) द्वारा प्रसिद्ध कर्मा नृत्य की प्रस्तुति ने दर्शकों का हृदय जीत लिया।
यह जानकारी देते हुए लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान के निदेशक अतुल द्विवेदी ने बताया कि कार्यक्रम की समाप्ति के उपरांत, दोनों दलों-छात्राओं का समूह एवं लोक कलाकारों का दल- उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति मंत्री माननीय जयवीर सिंह से शिष्टाचार भेंट के लिए उनके आवास पर पहुंचे। यह भेंट सिर्फ औपचारिक नहीं थी, बल्कि एक आत्मीय संवाद का अवसर बनी, जिसमें बच्चों एवं कलाकारों ने अपने अनुभव, भावनाएं और संस्कृति के प्रति अपने जुड़ाव को सांझा किया।
संस्कृति मंत्री ने सभी प्रतिभागियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की और मिठाई और पटकों से कलाकारों का स्वागत किया, और कहा की आप सभी ने हमारे राज्य की समृद्ध जनजातीय विरासत को नई ऊर्जा और पहचान दी है। आपकी प्रस्तुतियाँ न केवल मनोरंजन का माध्यम थीं, बल्कि हमारी संस्कृति की आत्मा का जीवंत चित्रण भी थीं। मंत्री ने इन प्रतिभागियों को भविष्य में भी इसी प्रकार अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संजोने और प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार जनजातीय कलाओं को मंच देने और कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह मुलाकात सभी प्रतिभागियों के लिए अविस्मरणीय बन गई, जहाँ उन्होंने न केवल सम्मान प्राप्त किया बल्कि प्रदेश की संस्कृति नीति को और नज़दीक से समझने का अवसर भी पाया।


