उत्तर प्रदेश

समाज कल्याण योजनाओं में AI से आएगी पारदर्शिता और प्रभावशीलता

मासिक लेक्चर की पहली श्रृंखला के तहत निदेशालय में ”AI का समाज कल्याण की योजनाओं में उपयोग” पर हुई कार्यशाला

तकनीकी टूल्स के उपयोग पर हुई विस्तृत चर्चा

समाज कल्याण विभाग अपनी योजनाओं को अधिक प्रभावी जनउपयोगी और समयबद्ध बनाने के लिए निरंतर तकनीकी नवाचार अपना रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को समाज कल्याण निदेशालय में ”AI का समाज कल्याण की योजनाओं में उपयोग” विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों के माध्यम से विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन, निगरानी और मूल्यांकन में अधिक पारदर्शी बनाना था। कार्यक्रम में Chat GPT जैसे आधुनिक टूल्स की सहायता से योजना ड्राफ्ट तैयार करने, रिपोर्ट संकलन और संक्षिप्त प्रस्तुतिकरण के उपयोग पर भी चर्चा हुई।

कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), समाज कल्याण विभाग, श्री असीम अरुण ने कहा की पीएम नरेंद्र मोदी का विजन है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों का क्षमतावर्धन हो सके। इसके लिए नवीन तकनीकी को तेजी से अपनाना चाहिए। तकनीक को जनसेवा का सशक्त माध्यम बताते हुए अधिकारियों से इसे योजनाओं में समाहित करने का आह्वान किया। कार्यशाला में उपस्थित मुख्य वक्ता श्री सुमित कुमार सिंह, संस्थापक, Ace AI, हार्वर्ड बिजनेस स्कूल, आई.आई.टी. दिल्ली एवं आईआईएम लखनऊ ने AI की व्यावहारिक उपयोगिता, डेटा विश्लेषण, योजनागत सुधारों में इसके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यशाला में ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यम से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के सवालों के जवाब दिए गये।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री वेंकटेश्वर लू. ने भी अधिकारियों को तकनीकी नवाचारों को तेजी से अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में निदेशक, समाज कल्याण विभाग श्री कुमार प्रशांत, महाप्रबंधक, अनुगम श्री विपिन कुमार पांडेय, जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री शिवम सागर समेत विभाग के समस्त वरिष्ठ अधिकारी, सर्वाेदय स्कूल, आईटीआई, पॉलिटेक्निक के समस्त प्रधानाचार्य, कर्मचारी, अनुगम कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

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