धर्म

KGMU में मजारों पर नोटिस से बवाल, AIMIM ने दी आंदोलन की चेतावनी

निश्चय टाइम्स डेस्क।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) परिसर में स्थित प्राचीन दरगाहों/मजारात को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) उत्तर प्रदेश सेंट्रल के अध्यक्ष शेख ताहिर सिद्दीकी ने प्रेस वार्ता कर केजीएमयू प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और चेतावनी दी कि यदि मजारात पर बुलडोजर चलाने या हटाने का प्रयास किया गया तो पार्टी आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

शेख सिद्दीकी ने कहा कि केजीएमयू द्वारा 15 दिनों के भीतर दरगाह हटाने का नोटिस चस्पा किया गया है, जो तथ्यों पर आधारित नहीं है और पूरी तरह “गैरकानूनी” है। उनका दावा है कि ये मजारात अंग्रेजी शासन काल से पहले की हैं और केजीएमयू की स्थापना से पूर्व से ही अस्तित्व में हैं। विश्वविद्यालय निर्माण के समय इन्हें इसलिए नहीं हटाया गया था क्योंकि इन्हें प्राचीन और वैध धार्मिक स्थल माना गया था।

उन्होंने कहा कि इन दरगाहों पर मुस्लिम, हिंदू सहित अन्य धर्मों के लोग भी अकीदत रखते हैं और यहां वर्षों से धार्मिक गतिविधियां शांतिपूर्वक होती रही हैं। AIMIM ने इसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता का विषय बताया। साथ ही उपासना स्थल अधिनियम 1991 की धारा 4(1) का हवाला देते हुए कहा गया कि 15 अगस्त 1947 की स्थिति के अनुसार किसी भी पूजा स्थल के धार्मिक स्वरूप को बदला नहीं जा सकता।

शेख सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि नोटिस चस्पा कर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है और आपसी सौहार्द को प्रभावित करने की कोशिश की गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई की तो लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी केजीएमयू प्रशासन और शासन की होगी।

प्रेस वार्ता में संगठन मंत्री सैय्यद रूबील, संयोजक नईमुद्दीन सिद्दीकी, सचिव डॉ. रिजवान, जिला अध्यक्ष सलमान मंसूरी और वरिष्ठ नेता हाशिम सिद्दीकी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

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