नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक विवादित बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रविवार को जम्मू-कश्मीर के जसरोटा में आयोजित एक रैली के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे की तबीयत बिगड़ गई थी, लेकिन उन्होंने अपना भाषण जारी रखते हुए कहा, “मैं तब तक जिंदा रहूंगा, जब तक नरेंद्र मोदी को सत्ता से नहीं हटाएंगे।” इस बयान को लेकर अमित शाह ने सोमवार को खरगे पर निशाना साधते हुए इसे “अत्यंत खराब और अपमानजनक” करार दिया।
अमित शाह ने कहा, “खरगे जी ने अपने निजी स्वास्थ्य के मामले में प्रधानमंत्री मोदी का नाम बिना वजह घसीटा है। यह उनके अंदर की नफरत और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति डर को दिखाता है।” उन्होंने आगे कहा, “हम सभी प्रधानमंत्री मोदी की तरह खरगे जी की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करते हैं। हम चाहते हैं कि वह दीर्घायु हों और 2047 तक विकसित भारत का निर्माण होते देखें।”
खरगे का बयान और प्रतिक्रिया
83 वर्षीय मल्लिकार्जुन खरगे ने रैली के दौरान कांपती आवाज में कहा था, “मैं इतनी जल्दी मरने वाला नहीं हूं। जब तक मोदी को सत्ता से नहीं हटाऊंगा, तब तक मैं जिंदा ही रहूंगा।” उनकी तबीयत खराब होने के बावजूद उन्होंने भाषण जारी रखा और केंद्र सरकार पर हमला बोला। खरगे ने कहा कि जब उनकी पार्टी सत्ता में आएगी, तो आतंकवाद को खत्म किया जाएगा और जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा बहाल किया जाएगा।
शाह का पलटवार
अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “खरगे जी का यह बयान न केवल नफरत को दर्शाता है, बल्कि यह प्रधानमंत्री मोदी के प्रति उनके अंदर गहरी कड़वाहट और डर को भी उजागर करता है। प्रधानमंत्री मोदी को बार-बार निशाना बनाने का यह प्रयास कांग्रेस की हताशा को भी दिखाता है।”
राजनीतिक हलचल
खरगे के इस बयान से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। कांग्रेस इसे बीजेपी पर तीखा हमला मान रही है, वहीं बीजेपी इसे “घृणा और निराशा” से भरा हुआ बयान बता रही है। अमित शाह का यह पलटवार इस राजनीतिक बहस को और गरमा सकता है। मल्लिकार्जुन खरगे के बयान और अमित शाह के पलटवार के बाद दोनों पार्टियों के बीच सियासी तकरार और बढ़ने की संभावना है। चुनावी माहौल के बीच इस तरह के बयानों से देश की राजनीति और भी तीखी होती नजर आ रही है।