गोरखपुर के बरहुआ में 20 वर्षीय अंकिता यादव की हत्या के मामले में आरोपी प्रिंस यादव ने च shocking कबूलनामा किया है। उसने बताया कि वह अंकिता को कार से रौंदकर उसके हाथ-पैर तोड़ना चाहता था, ताकि उसकी शादी न हो सके। लेकिन, कार बेकाबू हो गई और अंकिता की मौत हो गई।
घटना का विवरण
अंकिता, जो गंगोत्री देवी पीजी कॉलेज में स्नातक तृतीय वर्ष की छात्रा थी, मंगलवार सुबह सड़क किनारे बंधे के पास ऑटो का इंतजार कर रही थी। तभी प्रिंस ने तेज रफ्तार कार चलाते हुए उसे टक्कर मार दी। इस घटना में अंकिता की तत्काल मौत हो गई, जबकि प्रिंस भी घायल हो गया।
आरोपी का बेशर्म कबूलनामा
पुलिस की पूछताछ में प्रिंस ने स्वीकार किया कि उसने जानबूझकर अंकिता पर कार चढ़ाई थी। उसने कहा कि वह अंकिता की शादी नहीं होने देना चाहता था, लेकिन अपनी इस घिनौनी हरकत के बावजूद उसे कोई पछतावा नहीं है।
अंकिता के परिवार की स्थिति
अंकिता की मौत से पूरा परिवार स्तब्ध है। उसके पिता शिवशंकर यादव ने बताया कि नवंबर में अंकिता का तिलक होना था और अगले साल उसकी शादी की तैयारी चल रही थी। अब उनके सपने चकनाचूर हो गए हैं।
अंकिता के बड़े भाई रवि ने बताया कि प्रिंस पिछले तीन महीनों से उनकी बहन को परेशान कर रहा था। अंकिता ने प्रिंस का नंबर ब्लॉक कर दिया था, लेकिन वह फिर भी उसे परेशान करता रहा।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने प्रिंस को गिरफ्तार कर उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस पूरी घटना के दौरान पुलिस की उपस्थिति के कारण क्षेत्र में तनाव का माहौल बना रहा।
घटना के गवाह
घटना के समय बंधे पर करीब 10 लोग मौजूद थे, जिन्होंने सब कुछ देखा है और वे गवाही देने के लिए तैयार हैं। परिवार ने आरोप लगाया है कि प्रिंस ने जानबूझकर साजिश के तहत गाड़ी मांगकर अंकिता की हत्या की।
अंकिता की इस दुखद मौत ने न केवल उसके परिवार को बल्कि पूरे समुदाय को हिलाकर रख दिया है। स्थानीय प्रशासन से मांग की जा रही है कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।