उत्तर प्रदेश

मिर्जापुर में अपना दल (एस) के कार्यकर्ता पर हमले से नाराज अनुप्रिया पटेल, पुलिस पर फूटा गुस्सा

मिर्जापुर जिले के विंध्याचल थाना क्षेत्र में अपना दल (एस) के एक कार्यकर्ता और उसके परिवार पर हुए हमले के मामले में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने पुलिस की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई। मंगलवार को घायल कार्यकर्ता से अस्पताल में मिलने के बाद उन्होंने पुलिस अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और कहा कि गुंडागर्दी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

घटना का पूरा मामला

विंध्याचल थाना क्षेत्र के कुरौठी पांडेय गांव में सोमवार को कुछ लोग एक कार्यकर्ता के घर में घुस आए। आरोप है कि उन्होंने घर में शराब पी और जब परिवार ने इसका विरोध किया, तो मारपीट पर उतर आए।
  • बेटी को उठाने का प्रयास: आरोपियों ने कार्यकर्ता की बेटी को उठा ले जाने की कोशिश की।
  • विरोध करने पर हमला: पिता ने जब इसका विरोध किया, तो उनका सिर फोड़ दिया गया। मां को भी बुरी तरह पीटा गया, जिससे उनकी हड्डियां टूट गईं।
कार्यकर्ता के परिवार का कहना है कि घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस ने न तो मामला दर्ज किया और न ही मेडिकल जांच कराई।

अनुप्रिया पटेल ने पुलिस को लगाई फटकार

अस्पताल में घायल कार्यकर्ता और उसके परिवार से मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने पुलिस की लापरवाही पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा,
“यह शर्म की बात है कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी पुलिस सो रही है। मां कह रही है कि उसकी बेटी को उठा ले जाने की कोशिश हुई, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। क्या पीड़ित को मर जाना चाहिए था, तब पुलिस जागती?”
उन्होंने पुलिस पर तंज कसते हुए कहा कि,
“विंध्याचल में पुलिस को ड्रग्स बिकवाने से फुर्सत नहीं है।”

दो घंटे में कार्रवाई का अल्टीमेटम

अनुप्रिया पटेल ने चेतावनी दी कि अगर दो घंटे के भीतर मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो वह इसे सीधे मुख्यमंत्री तक लेकर जाएंगी।
“उत्तर प्रदेश और देश की सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करती है। बेटियों और बहूओं के साथ किसी भी प्रकार का अमर्यादित आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

जीरो टॉलरेंस पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह घटना बेहद शर्मनाक है और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती है। उन्होंने पुलिस से तुरंत कार्रवाई की मांग की और भरोसा दिलाया कि बहू-बेटियों की सुरक्षा के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।मिर्जापुर की घटना ने प्रदेश में महिलाओं और परिवारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के हस्तक्षेप के बाद अब प्रशासन पर दबाव है कि वह शीघ्र और सख्त कार्रवाई करे।

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