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बांग्लादेश में दुर्गा पंडालों पर हमले और मंदिर में चोरी: भारत का कड़ा एक्शन, मोहम्मद यूनुस को दी नसीहत

नई दिल्ली: भारतीय विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश में हाल ही में हुई दुर्गा पूजा पंडालों पर हमलों और एक मंदिर से चोरी की घटनाओं को लेकर कड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय ने बांग्लादेश के कार्यवाहक उच्चायुक्त मोहम्मद यूनुस को एक कड़ी चेतावनी दी है, जिसमें हिंदुओं और अल्पसंख्यकों के पूजा स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया है।

निंदनीय घटनाएं और योजनाबद्ध साजिश

भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, “ये घटनाएं निंदनीय हैं। इनमें मंदिरों और देवी-देवताओं को अपवित्र करने और नुकसान पहुंचाने की एक योजनाबद्ध साजिश है, जिसे हम पिछले कई दिनों से देख रहे हैं।” मंत्रालय ने बांग्लादेश सरकार से मांग की है कि वह अपने देश में हिंदुओं और अन्य सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

बांग्लादेश में सुरक्षा पर चिंता

विदेश मंत्रालय ने ढाका के टाटीबाजार में दुर्गा पूजा पंडाल पर बम फेंके जाने की घटना और सतखीरा में प्रतिष्ठित जेशोरेश्वरी काली मंदिर में चोरी की खबरों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। बांग्लादेश के दैनिक अखबार ‘प्रथम आलो’ ने रिपोर्ट किया है कि शुक्रवार रात टाटीबाजार के दुर्गा पूजा पंडाल पर कथित तौर पर देसी बम फेंके गए, लेकिन इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

दुर्गा पूजा का महत्व

बांग्लादेश में दुर्गा पूजा पंडालों की सजावट का एक लंबा इतिहास है, जहां हर साल इस त्योहार को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में, विशेषकर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के अपदस्थ होने के बाद से, हिंदुओं और उनके धार्मिक स्थलों पर हमले बढ़ गए हैं। हाल ही में मनाए गए नवरात्रि के दौरान, जो हिंदुओं के लिए पवित्र नौ दिन हैं, दुर्गा पूजा का समापन दशहरा या विजयादशमी के साथ होता है।

भारत की प्रतिक्रिया

भारत ने इन घटनाओं पर कड़ी आपत्ति जताई है और बांग्लादेश सरकार से अपेक्षा की है कि वह ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएगी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने यह सुनिश्चित करने के लिए बांग्लादेश की जिम्मेदारी को भी स्पष्ट किया है कि हिंदू समुदाय और उनके पूजा स्थल सुरक्षित रहें।

इस स्थिति ने दोनों देशों के बीच के संबंधों में तनाव को बढ़ा दिया है, और अब यह देखना होगा कि बांग्लादेश सरकार इस मुद्दे पर क्या कदम उठाती है।

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