धर्म

अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर हमले नहीं थम रहे, सैक्रामेंटो के स्वामीनारायण मंदिर में तोड़फोड़ और हिंदू विरोधी संदेश

सैक्रामेंटो, कैलिफोर्निया: अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर हमले और तोड़फोड़ की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में कैलिफोर्निया की राजधानी सैक्रामेंटो में स्थित बीएपीएस श्री स्वामीनारायण मंदिर में कट्टरपंथियों ने तोड़फोड़ की और दीवारों पर “हिंदू वापस जाओ” जैसे हिंदू विरोधी नारे लिखे। यह घटना वहां रहने वाले हिंदू समुदाय में भय और असुरक्षा की भावना को और बढ़ा रही है।
यह अमेरिका में स्वामीनारायण मंदिर पर तोड़फोड़ की दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले न्यूयॉर्क के मेलविले में स्थित एक बीएपीएस मंदिर में भी तोड़फोड़ की गई थी, जिसके बाद भारतीय समुदाय ने इस हमले की कड़ी निंदा की थी।
बीएपीएस संगठन का बयान : बीएपीएस (बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था) ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा, “नफरत भरे संदेशों के साथ मंदिर को अपवित्र किया गया है। हमें इस घटना से गहरा दुख है। हम सभी के लिए, जिसमें नफरत करने वाले लोग भी शामिल हैं, प्रार्थना करते हैं कि वे नफरत छोड़कर प्रेम और सद्भाव की राह अपनाएं।”
काउंटी सीनेटर का बयान : सैक्रामेंटो काउंटी से सीनेटर अमी बेरा ने भी इस घटना की निंदा की है। उन्होंने अपने बयान में कहा, “सैक्रामेंटो काउंटी में धार्मिक कट्टरता और नफरत के लिए कोई जगह नहीं है। हमें सभी समुदायों के साथ मिलकर असहिष्णुता और नफरत के खिलाफ खड़ा होना चाहिए, ताकि हर धर्म के लोग सुरक्षित और सम्मानित महसूस कर सकें।”
भारतीय वाणिज्य दूतावास की प्रतिक्रिया : भारतीय वाणिज्य दूतावास ने भी इस हमले की निंदा की है और इसे धार्मिक सहिष्णुता के खिलाफ एक गंभीर हमला बताया। उन्होंने इस तरह की घटनाओं पर चिंता जताते हुए स्थानीय प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
नफरत के खिलाफ खड़ा होना जरूरी : इन घटनाओं से यह साफ है कि अमेरिका में हिंदू समुदाय के धार्मिक स्थलों पर हमलों की घटनाएं बढ़ रही हैं। पिछले महीने भी कनाडा के एडमॉन्टन में एक बीएपीएस मंदिर पर इसी तरह की तोड़फोड़ हुई थी। अब सैक्रामेंटो की यह घटना फिर से धार्मिक असहिष्णुता के बढ़ते मामलों को उजागर करती है।
हिंदू संगठनों और नेताओं ने इस तरह की घटनाओं की निंदा करते हुए कहा है कि यह सिर्फ एक समुदाय का मामला नहीं है, बल्कि सभी को मिलकर नफरत और असहिष्णुता के खिलाफ खड़ा होना होगा।

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