बहराइच जनपद के सुजौली थाना क्षेत्र में बुधवार को दो दर्जन से अधिक महिलाओं ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया। यह महिलाएं पुलिस के रवैये से नाराज हैं और गांव में बिना महिला कांस्टेबल के छापेमारी के खिलाफ अपना विरोध जताने के लिए थाने के सामने हाथ उठाकर प्रदर्शन कर रही हैं। प्रदर्शन का कारण था कि पुलिस ने उनके गांव में जबरदस्ती छानबीन की और उनके परिजनों पर अवैध शराब के कारोबार का आरोप लगाया।
रात को जबरन छानबीन की गई
थारू पूरवा लोहरा गांव की महिलाओं ने बताया कि मंगलवार रात 10:30 बजे चार पुलिसकर्मी बिना किसी महिला कांस्टेबल के उनके घर में घुस गए और जबरदस्ती तलाशी ली। उन्होंने उनके पिता रामप्रसाद को अवैध शराब के कारोबार के आरोप में पकड़कर थाने ले गए। महिलाओं का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से उनका सामुदायिक अधिकार और परंपराएं प्रभावित हो रही हैं।
जनजाति महिलाएं जैसे-जैसे अपनी बातें रखती गईं, उनका आक्रोश और बढ़ता गया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आधी रात को जबरदस्ती घर में घुसकर बिना किसी महिला पुलिसकर्मी के उनके घर में तलाशी ली। इससे वे काफी परेशान और आहत महसूस कर रही हैं।
महिलाओं का विरोध प्रदर्शन
थाने के बाहर प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कहा कि पुलिस ने बिना उचित प्रक्रिया अपनाए उनके घरों में घुसकर उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाई है। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने यह भी बताया कि पुलिस का यह रवैया उनके समुदाय की महिलाओं के लिए असहज और अपमानजनक है।
इस पर सुजौली थाना क्षेत्राधिकारी हीरालाल कनौजिया का कहना है कि पुलिस उच्च अधिकारियों के निर्देश पर अवैध शराब बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि बिना महिला कांस्टेबल के छापेमारी की प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता है।
प्रदर्शन के बाद प्रशासन की स्थिति
प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने महिलाओं की शिकायत सुनी और मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई है। इस जांच के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि पुलिस ने किस हद तक उचित प्रक्रिया का पालन किया था। फिलहाल महिलाएं प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं और उचित कार्रवाई की मांग कर रही हैं।
इस पूरे मामले ने स्थानीय स्तर पर पुलिस-जनता के बीच विश्वास की कमी को उजागर किया है, जिससे सुधार की आवश्यकता महसूस की जा रही है। महिलाएं इस घटना के बाद और अधिक जागरूक होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही हैं।
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