क्राइम

गाजियाबाद में ‘जमानत गैंग’ का पर्दाफाश

खतौनी-आधार से फर्जी बेल, 8 गिरफ्तार, 7 फरार

गाजियाबाद में अदालत से बेल दिलाने के नाम पर एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जिसे पुलिस ने “जमानत गैंग” का नाम दिया है। इस गैंग के 8 सदस्यों को क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 7 आरोपी अभी भी फरार हैं। अब तक की जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने 700 से ज्यादा आरोपियों को फर्जी दस्तावेजों के दम पर अदालत से जमानत दिलवाई है। इस गिरोह की कार्यशैली बेहद चौंकाने वाली है। आरोपी असली किसानों की खतौनी निकालकर उसमें अपनी फोटो लगाते थे। इसके बाद फर्जी आधार कार्ड बनाते और थानों की नकली मोहरों के जरिए सत्यापन प्रक्रिया को पार कर लेते थे। ये लोग खुद को जमानती के रूप में पेश करते और आरोपी की जमानत करवा देते थे।

पुलिस के अनुसार, इस गैंग के पास बाकायदा रेट लिस्ट थी, जिसमें जमानत की रकम के अनुसार ₹7,000 से ₹40,000 तक की फीस ली जाती थी। कुछ मामलों में ₹1 लाख तक की जमानत दिलाने का सौदा किया गया था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान गिरोह के पास से 21 फर्जी आधार कार्ड, 7 थानों की नकली मोहरें, और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।

गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह गैंग बहुत ही सुनियोजित ढंग से काम कर रहा था। इसमें अलग-अलग सदस्य दस्तावेज बनाने, कोर्ट में पेश होने और पुलिस सत्यापन की जिम्मेदारी निभाते थे। इस गिरोह का नेटवर्क केवल गाजियाबाद तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य जिलों में भी इसकी जड़ें हो सकती हैं।

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