अंतरराष्ट्रीय

बाइडन ने ईरान-इस्राइल तनाव पर चुप्पी साधी, तेल ठिकानों पर हमले के सवाल पर टिप्पणी करने से इनकार

वाशिंगटन – हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन से एक महत्वपूर्ण सवाल किया गया था कि क्या अमेरिका ने इस्राइल से आग्रह किया है कि वह ईरान के तेल ठिकानों पर हमला न करे। इस पर बाइडन ने सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर सार्वजनिक मंच पर चर्चा नहीं करेंगे। यह बयान ऐसे समय आया है जब इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बाद संभावित जवाबी कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
ईरान-इस्राइल के बीच बढ़ता तनाव
हाल ही में ईरान ने इस्राइल पर मिसाइल से हमला किया, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया। इस्राइल ने जवाबी कार्रवाई करने की बात कही थी, जिससे पूरे क्षेत्र में अनिश्चितता बढ़ गई है। जब इसे लेकर बाइडन से सवाल किया गया कि क्या अमेरिका इस्राइल को ईरान के तेल ठिकानों पर हमला करने से रोकने की कोशिश कर रहा है, तो बाइडन ने कहा कि वह इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं करेंगे।

USA

की संभावित कार्रवाई पर अमेरिका का रुख
गौरतलब है कि इससे पहले बाइडन ने एक बयान में कहा था कि इस्राइल ईरान के तेल ठिकानों पर हमला कर सकता है और इस मामले को लेकर अमेरिका और इस्राइल के बीच बातचीत जारी है। हालांकि, इसके बाद एक अमेरिकी अधिकारी ने यह स्पष्ट किया कि अभी तक इस्राइल ने ईरान पर जवाबी हमला करने का कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच क्या अगला कदम होगा, इसे लेकर दुनिया भर में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
तेल की कीमतों पर असर को लेकर बाइडन की प्रतिक्रिया
ईरान-इस्राइल तनाव के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि इस्राइल ने ईरान के तेल ठिकानों पर हमला किया, तो वैश्विक तेल कीमतों पर इसका क्या असर होगा। इस पर बाइडन ने अपने पिछले बयानों में कहा था कि वह ईरान के परमाणु ठिकानों पर इस्राइल के हमले का समर्थन नहीं करेंगे। जब उनसे पूछा गया कि अगर तेल ठिकानों पर हमले के कारण तेल की कीमतें बढ़ेंगी, तो बाइडन ने जवाब दिया, “अगर कोई तूफान आता है, तो कीमतें बढ़ेंगी। मुझे इस बारे में नहीं पता और किसी को भी नहीं पता।”
क्षेत्रीय स्थिरता पर गहराते सवाल
ईरान और इस्राइल के बीच जारी तनाव और संभावित हमलों ने पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेल की बढ़ती कीमतों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर वैश्विक चिंता बनी हुई है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को शांत करने के लिए अमेरिका और अन्य वैश्विक शक्तियां किस तरह की रणनीति अपनाती हैं।जो बाइडन ने ईरान और इस्राइल के बीच संभावित संघर्ष को लेकर सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है, लेकिन उनके पिछले बयानों और अमेरिका के रुख से स्पष्ट है कि स्थिति नाजुक बनी हुई है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय अब इस्राइल के अगले कदम का इंतजार कर रहा है और यह देखना बाकी है कि क्या यह विवाद बड़े क्षेत्रीय संकट में तब्दील होगा।

Related Articles

Back to top button