उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस समय एक नया मोड़ आ सकता है। कांग्रेस पार्टी ने यूपी की 10 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए अपनी तैयारी को तेज कर दिया है, जो समाजवादी पार्टी (सपा) से संभावित गठबंधन के बावजूद दिख रहा है। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव राजेश तिवारी ने जी मीडिया से विशेष बातचीत में खुलासा किया कि उनकी पार्टी सभी 10 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की योजना बना रही है।
राजेश तिवारी ने साफ तौर पर कहा, “हम सभी 10 सीटों पर उपचुनाव लड़ने की पूरी तैयारी में हैं। यदि हमें सम्मानजनक सीटें नहीं मिलतीं, तो हम अकेले ही सभी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।” उनका यह बयान सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन टूटने की संभावनाओं को उजागर करता है।
कांग्रेस पार्टी ने दावेदारों से आवेदन लेना शुरू कर दिया है और राजेश तिवारी ने इस बात की पुष्टि की कि पार्टी उपचुनाव की तैयारियों में पूरी तरह जुटी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि लोकसभा चुनाव में मिली सफलता का श्रेय राहुल गांधी और कांग्रेस के घोषणापत्र को जाता है, जिससे कार्यकर्ताओं की मांग है कि पार्टी को सम्मानजनक सीटें मिलनी चाहिए।
यूपी में 10 विधानसभा सीटों में से 5 सीटें सपा की खाली हुई हैं, जबकि अन्य 5 सीटों को गठबंधन के तहत कांग्रेस के हिस्से में मांगा गया था। तिवारी ने संकेत दिया कि यदि समझौता बराबर का नहीं हुआ, तो कांग्रेस पार्टी अकेले सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
इस बीच, कांग्रेस के आला कमान ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के अनुभव को देखते हुए यूपी के विधानसभा उपचुनाव के लिए सभी सीटों पर तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम कांग्रेस की चुनावी रणनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाता है, जो आने वाले दिनों में यूपी की राजनीति में नया हलचल ला सकता है।
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