बिजनौर के मोहल्ला मिर्दगान की खलीफा कॉलोनी में एक परिवार के तीन सदस्यों की हत्या से हड़कंप मच गया। घर में सो रहे कबाड़ी मंसूर उर्फ भूरा (60), उसकी पत्नी जुबेदा (59) और बेटे याकूब (20) को पेचकस से घोंपकर बेरहमी से मार डाला गया। रविवार की सुबह पति-पत्नी के शव बरामदे में बिस्तर पर और बेटे का शव कमरे में पाया गया। वारदात का खुलासा तब हुआ जब मंसूर की मां हसीना, जो पास के मकान में रहती थीं, घर आईं।
हत्या में पुरानी रंजिश का शक
मृतकों के परिवार का आपराधिक इतिहास है। मंसूर के हिस्ट्रीशीटर बेटे जहूर का 23 अक्तूबर को फुरकान उर्फ पहिया से झगड़ा हुआ था। आरोप है कि इस रंजिश के चलते हत्याकांड को अंजाम दिया गया। पुलिस ने फुरकान, उसके बेटे और अन्य दो व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। घटनास्थल पर पेचकस, खून से सनी ईंट, और चाकू भी बरामद हुए हैं।
अंदर से बंद था मुख्य दरवाजा, हत्यारों का संगठित तरीका
मौके पर मौजूद पुलिस को घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद मिला, जिससे अंदेशा है कि हत्यारों ने वारदात के बाद छत के रास्ते से भागने का प्रयास किया। घर में छह जोड़ी चप्पलें भी मिलीं, जिससे पुलिस को कई हत्यारों की मौजूदगी का शक हुआ है। फिलहाल सभी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
मोहल्ले में गहरा सन्नाटा, आसपास किसी को नहीं लगा अंदाजा
पड़ोसियों का कहना है कि उन्हें वारदात के दौरान किसी तरह की आवाज नहीं सुनाई दी। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से हत्यारों के बारे में ज्यादा सुराग नहीं मिल पाया है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच टीमों का गठन कर दिया गया है।
अधिकारियों ने लिया घटनास्थल का जायजा
एडीजी बरेली रमित शर्मा और डीआईजी मुनिराज भी मौके पर पहुंचे और जांच की। पुलिस ने मृतकों के आपराधिक रिकॉर्ड और हत्यारों के संभावित इरादों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।