बिजनौर में समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक महबूब अली का एक बयान विवादों में घिर गया है। उन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान यह दावा किया कि वर्ष 2027 में सत्ताधारी दल को सत्ता से बाहर कर दिया जाएगा और मुस्लिम समुदाय की बढ़ती आबादी के कारण सत्ता में उनका वर्चस्व बढ़ेगा। महबूब अली ने कहा, “2027 में तुम जाओगे, हम आएंगे। मुस्लिमों की आबादी बढ़ रही है, तुम्हारा राज खत्म हो जाएगा।”
उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। महबूब अली ने यह भी कहा, “मुगलों ने इस देश पर 800 साल तक शासन किया, जब वे नहीं रहे, तो तुम क्या रहोगे?” यह बयान सपा के एक संविधान स्थापना कार्यक्रम के दौरान बिजनौर के रॉयल पाम बैंक्वेट हॉल में दिया गया था।
सपा ने किया बयान से किनारा
महबूब अली के इस बयान के बाद समाजवादी पार्टी ने तुरंत ही इससे खुद को अलग कर लिया। सपा के प्रवक्ता सुनील साजन ने कहा, “पार्टी महबूब अली के इस बयान से इत्तेफाक नहीं रखती।” उन्होंने साफ किया कि यह महबूब अली की व्यक्तिगत राय है और पार्टी इसका समर्थन नहीं करती।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
महबूब अली के बयान पर राजनीतिक दलों की ओर से कड़ी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। विपक्ष ने इसे सांप्रदायिकता फैलाने वाला और सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ने वाला बताया है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने भी इस बयान की निंदा की और कहा कि इस तरह के बयान देश की एकता और अखंडता को कमजोर करते हैं।
महबूब अली के इस बयान से उत्पन्न विवाद के बाद, राजनीतिक माहौल और भी गरमा गया है। हालांकि, खुद महबूब अली ने इस बयान पर अब तक कोई सफाई नहीं दी है।