
पोलो को बताया भारत का ‘विरासत खेल’
निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क | डीएफ हिंदी
नई दिल्ली में आयोजित आदित्य बिड़ला मेमोरियल पोलो कप के फाइनल मुकाबले के दौरान रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने देश की खेल अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) को और मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ऐसी खेल संस्कृति विकसित करने के लिए प्रयासरत है, जहां खिलाड़ियों और युवाओं को अवसर, संसाधन और सम्मान की कोई कमी न हो।
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यदि सरकार, निजी क्षेत्र और सामाजिक संगठन मिलकर काम करें, तो भारत आने वाले समय में वैश्विक खेल मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना सकता है। उन्होंने विशेष रूप से पोलो का उल्लेख करते हुए इसे भारत की हजारों साल पुरानी परंपराओं से जुड़ा “विरासत खेल” बताया। साथ ही उन्होंने भारतीय सेना और भारतीय पोलो संघ के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इन संस्थाओं ने इस खेल को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
Rajnath Singh ने ‘खेलो इंडिया’ और ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम’ जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन पहलों ने युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का बेहतर मंच दिया है। उन्होंने आगामी ‘राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम’ और ‘खेलो भारत नीति’ को भी गेम-चेंजर बताते हुए कहा कि इससे खेल संगठनों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी, जिससे खिलाड़ियों को निष्पक्ष वातावरण मिलेगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिस तरह निजी क्षेत्र ने औद्योगिक और तकनीकी विकास में गति दी है, उसी तरह खेल क्षेत्र में भी निजी निवेश और विशेषज्ञता नई ऊर्जा भर सकती है। इससे खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, बेहतर सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के अवसर मिलेंगे।
अपने संबोधन के अंत में रक्षा मंत्री ने पोलो को शक्ति, गति, रणनीति, अनुशासन और साहस का अद्भुत संगम बताते हुए कहा कि यह खेल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से भारत खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा।



