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पंजाब निकाय चुनाव में चला झाड़ू: आम आदमी पार्टी का परचम, कांग्रेस को दो निगमों में मिली जीत

पंजाब में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों के चुनावों के परिणाम देर रात घोषित किए गए। इन परिणामों में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन नगर निगमों पर कब्जा जमाया है, जबकि कांग्रेस को दो नगर निगमों में सफलता मिली है।
आप का दबदबा
पंजाब में शनिवार को हुए पांच नगर निगम चुनावों और 44 नगर परिषद चुनावों के नतीजे देर रात घोषित किए गए। इन नतीजों में आम आदमी पार्टी ने जालंधर, लुधियाना और पटियाला नगर निगमों में जीत दर्ज की है। वहीं, कांग्रेस को फगवाड़ा और अमृतसर नगर निगमों में जीत मिली है। इससे पहले इन नगर निगमों में कांग्रेस का ही कब्जा था।
नगर निगमों के परिणाम
  • फगवाड़ा: आप 12, कांग्रेस 22, भाजपा 5, शिअद 2, बसपा 1 और 3 निर्दलीय।
  • लुधियाना: कांग्रेस 21, आप 34, भाजपा 14, और शिअद ने तीन वार्ड जीते।
  • पटियाला: आप 35, भाजपा 4, कांग्रेस व शिअद 2-2 वार्ड में जीत हासिल की। सात वार्डों में चुनाव नहीं हुए।
  • अमृतसर: कांग्रेस 10, आप 11, भाजपा 1 और 4 सीटों पर आजाद को जीत मिली।
  • जालंधर: आप 38, कांग्रेस 25, भाजपा 19, बसपा 1 और 2 सीटों पर निर्दलीय जीते।
आप की जीत और कांग्रेस का प्रदर्शन
आम आदमी पार्टी ने जालंधर, लुधियाना और पटियाला में जीत दर्ज कर अपनी मजबूत स्थिति दिखाई है। पटियाला में आप ने 35 उम्मीदवारों को जीत दिलाई है, जिससे वहां पार्टी का मेयर बनना तय है। वहीं, लुधियाना में भी आप बढ़त बनाए हुए है। कांग्रेस ने फगवाड़ा और अमृतसर में जीत हासिल की है, जो पार्टी के लिए राहत की बात है।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव
आप ने अपने गांवों की पहचान और शहरी क्षेत्रों में भी अपने कदम मजबूती से बढ़ाए हैं। कांग्रेस ने फगवाड़ा और अमृतसर में जीत के साथ प्रदेश में अपनी पकड़ बनाए रखी है। वहीं, भाजपा ने कई वार्डों में सत्ता पक्ष को शिकस्त दी है और तीसरे स्थान पर रही है। शिअद का शहरी वोट बैंक लगातार घटता जा रहा है।
भाजपा की स्थिति
भाजपा ने पटियाला में आप और अमृतसर में कांग्रेस के साथ कड़ी टक्कर दी। शिअद के मुकाबले भाजपा का प्रदर्शन धीरे-धीरे बेहतर होता जा रहा है, जिससे प्रदेश में राजनीतिक बदलाव की संभावना बढ़ गई है।
अकाली दल की स्थिति
शिरोमणि अकाली दल का वर्चस्व लगातार कम हो रहा है। पार्टी के नेताओं के बीच नेतृत्व परिवर्तन और संगठनात्मक मुद्दों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पार्टी ने नए नेतृत्व के गठन का ऐलान किया है, लेकिन इसमें भी अंदरूनी खींचतान जारी है।
पंजाब के इन परिणामों से आम आदमी पार्टी के लिए 2027 के विधानसभा चुनाव में बेहतर संभावनाएं नजर आ रही हैं। पार्टी का शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी मजबूत वोट बैंक स्थापित होता जा रहा है।

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