तकनीक

डिजिटल गवर्नेंस के लिए स्केलेबल और एआई-युक्त क्लाउड ढ़ांचे का निर्माण-जितिन प्रसाद

निश्चय टाइम्स डेस्क। साल 2030 तक भारत में क्लाउड डेटा सेंटर की क्षमता 4 से 5 गुना बढ़ने का अनुमान
भारत डिजिटल शासन, निजी क्षेत्र के सहयोग और नागरिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए एक सुरक्षित, स्केलेबल और एआई-युक्त क्लाउड व्यवस्था का निर्माण कर रहा है। देश के डिजिटल परिवर्तन और एआई-सक्षम अनुप्रयोगों के बढ़ते उपयोग के चलते सरकारी, निजी और सामाजिक क्षेत्रों में क्लाउड सेवाओं की मांग बढ़ रही है। यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने राज्यसभा में दी।

मेघराज

सरकार की क्लाउड ज़रुरतों को पूरा करने के लिए, डिजिटल इंडिया पहल के तहत एक राष्ट्रीय क्लाउड व्यवस्था बनाई गई है। जीआई क्लाउड, जिसे मेघराज के नाम से जाना जाता है, ई-गवर्नेंस सेवाओं के वितरण के लिए सुरक्षित, स्केलेबल और सशक्त क्लाउड सुविधाएं प्रदान करता है। जीआई क्लाउड-मेघराज की प्रमुख विशेषताओं में सरलता, स्केलेबिलिटी, प्रति उपयोग भुगतान प्रणाली, स्व-सेवा प्रावधान, अनुप्रयोगों की तीव्र तैनाती और मांग पर आधारित सेवाओं का प्रावधान आदि शामिल हैं। राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) विभिन्न मंत्रालयों/विभागों को क्लाउड सेवाएं प्रदान करता है। आज तक, 2,170 मंत्रालयों/विभागों ने अपने क्लाउड-आधारित अनुप्रयोगों को मेघराज पर होस्ट किया है। केंद्रीय/राज्य मंत्रालयों/विभागों की क्लाउड ज़रुरतों को पूरा करने के लिए, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 26 क्लाउड सेवा प्रदाताओं की क्लाउड सेवाओं को सूचीबद्ध किया है। इन क्लाउड सेवा प्रदाताओं को मानकीकरण परीक्षण और गुणवत्ता प्रमाणन (एसटीक्यूसी) निदेशालय द्वारा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों (आईएसओ 27001, आईएसओ 27017, आईएसओ 27018 और आईएसओ 20000) के संदर्भ में सफल ऑडिट के बाद सूचीबद्ध किया गया है। सरकारी क्लाउड सेवा प्रदाता के रूप में, एनआईसी क्लाउड सेवाओं के प्रावधान हेतु खुली निविदा के ज़रिए निजी कंपनियों को भी शामिल करता है। राष्ट्रीय डेटा केंद्र सरकारी विभागों को क्लाउड सेवाएं प्रदान करते हैं और स्थापित प्रथाओं और प्रक्रियाओं से युक्त, एक स्तरीय सुरक्षा ढांचा लागू करते हुए संभावित खतरों से क्लाउड सेवाओं की सुरक्षा के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

डेटा केंद्रों का विकास

सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में बढ़ते डिजिटलीकरण और एआई के तेज़ी से होते उपयोग के साथ-साथ क्लाउड सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के कारण देश में डेटा केंद्रों का विस्तार हो रहा है। उद्योग जगत के अनुमानों के अनुसार, भारत में क्लाउड डेटा सेंटर की क्षमता करीब 1,280 मेगावाट तक पहुंच गई है, जो मुख्य रूप से बैंकिंग, बिजली और अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक अवसंरचना जैसे अहम क्षेत्रों को सेवाएं प्रदान करती है। अनुमानों के मुताबिक, वर्ष 2030 तक इसमें 4-5 गुना वृद्धि होगी। वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियां पहले से ही भारत के एआई और डेटा सेंटर इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण निवेश कर रही हैं। गूगल ने विशाखापत्तनम में 15 अरब अमेरिकी डॉलर के एआई हब की घोषणा की है, जो भारत में उसका अब तक का सबसे बड़ा निवेश है, जबकि अमेज़न वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस) महाराष्ट्र में 83 अरब अमेरिकी डॉलर का डेटा सेंटर स्थापित कर रही है।

 

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