उत्तर प्रदेश

बाल श्रम के खिलाफ अभियान तेज़

खोड़ा में 15 किशोर श्रमिकों की हुई पहचान

गाजियाबाद, अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर गुरुवार को बुलंदशहर औद्योगिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व उप श्रम आयुक्त ने किया, जिसमें व्यापार संघों और श्रमिक संगठनों को बाल श्रम उन्मूलन के कानूनों और सामाजिक जिम्मेदारी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में सहायक श्रम आयुक्त वीरेंद्र कुमार ने बताया कि उपस्थित प्रतिनिधियों को बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 (संशोधित 2016) के सभी महत्वपूर्ण प्रावधानों से अवगत कराया गया। उन्होंने यह भी कहा कि केवल जानकारी ही नहीं, बल्कि कानूनी कार्रवाई के माध्यम से बाल श्रम को जड़ से खत्म करने के लिए श्रम विभाग पूरी तरह से सक्रिय है।

इसी क्रम में, श्रम प्रवर्तन अधिकारियों की संयुक्त टीम ने खोड़ा कॉलोनी में छापेमारी की, जहां 15 किशोर श्रमिक चिन्हित किए गए। ये किशोर कपड़ों की दुकानों, परचून स्टोर्स, बेकरी, केक की दुकान और सैलून जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत पाए गए। इनके सेवायोजकों के खिलाफ प्रासंगिक कानूनी धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। एक किशोर को न्यू गांधी नगर क्षेत्र से मुक्त कराकर बाल कल्याण समिति के माध्यम से परिजनों को सुपुर्द किया गया, जिससे उसकी पुनर्व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। इस अभियान को और प्रभावी बनाने हेतु 12 से 17 जून तक अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान डासना, मसूरी, विजयनगर, खोड़ा, बजरिया और रेलवे स्टेशन के आसपास के क्षेत्रों में सघन प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

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