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क्या वाकई हार्ट अटैक को न्योता दे सकता है एंजियोग्राफी टेस्ट? ये रहा सही जवाब

एंजियोग्राफी एक सामान्य प्रक्रिया है जो हृदय की रक्त वाहिकाओं की जांच के लिए की जाती है। इस प्रक्रिया के जरिए डॉक्टर दिल के रक्त प्रवाह को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं और हृदय से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का आकलन कर सकते हैं। हालांकि, कई बार लोगों में यह धारणा बनती है कि एंजियोग्राफी हार्ट अटैक का कारण बन सकती है, लेकिन सच्चाई इससे अलग है।

एंजियोग्राफी क्या है?

एंजियोग्राफी एक सुरक्षित प्रक्रिया है जिसमें एक्स-रे तकनीक का उपयोग करके हृदय के रक्त वाहिकाओं की जांच की जाती है। इस परीक्षण के दौरान डॉक्टर हृदय में किसी भी अवरुद्ध या संकुचित धमनियों की पहचान कर सकते हैं। हालांकि, प्रक्रिया के दौरान कुछ मामूली दुष्प्रभाव हो सकते हैं, जैसे कि हल्की ब्लीडिंग, संक्रमण, किडनी में समस्या, और दुर्लभ मामलों में स्ट्रोक या दिल का दौरा।

हार्ट अटैक का जोखिम

एंजियोग्राफी के दौरान हार्ट अटैक का जोखिम बहुत कम होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, एंजियोग्राफी के दौरान दिल का दौरा पड़ने का जोखिम 0.001% से भी कम होता है। इसलिए, इसे एक अत्यंत सुरक्षित प्रक्रिया माना जाता है।

किसे हो सकता है जोखिम?

कुछ बुजुर्ग लोग और ऐसे लोग जिनमें दिल के दौरे या स्ट्रोक का जोखिम अधिक होता है, उनमें जटिलताओं का खतरा थोड़ा अधिक हो सकता है। ऐसे मामलों में चिकित्सकीय पर्यवेक्षण आवश्यक हो सकता है।

एंजियोग्राफी के लाभ और जोखिम

एंजियोग्राफी हृदय रोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षण है, जो न केवल दिल की स्थिति की जांच करता है, बल्कि चिकित्सा प्रक्रिया की शुरुआत में डॉक्टर को सही दिशा भी प्रदान करता है। हालांकि, इसके कुछ मामूली जोखिम होते हैं, जिन्हें डॉक्टरों की निगरानी में आसानी से प्रबंधित किया जा सकता है |

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