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	<title>पर्यावरण - Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</title>
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	<lastBuildDate>Tue, 31 Mar 2026 05:55:13 +0000</lastBuildDate>
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	<title>पर्यावरण - Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</title>
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	<item>
		<title>रिहायशी इलाके में दहशत का कारण बना नर तेंदुआ, रेस्क्यू के बाद सुरक्षित निगरानी में</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/leopard-rescued-from-lakhimpur-village-shifted-to-lucknow-zoo-under-close-watch/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 31 Mar 2026 05:55:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यावरण]]></category>
		<category><![CDATA[#लखनऊ #वन्यजीव #तेंदुआ #रेस्क्यू #वनविभाग]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखीमपुर से पकड़ा गया तेंदुआ, लखनऊ जू में हाई अलर्ट पर इलाज जारी निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में रिहायशी क्षेत्र के पास दिखाई देने से दहशत का कारण बना एक नर तेंदुआ आखिरकार वन विभाग की मुस्तैदी से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। यह तेंदुआ ग्राम पंचायत सिन्धौना (लट्ठौआ &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखीमपुर से पकड़ा गया तेंदुआ, लखनऊ जू में हाई अलर्ट पर इलाज जारी</strong></p>



<ol class="wp-block-list"></ol>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h2 class="wp-block-heading"> <strong>निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क </strong></h2>



<p>उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में रिहायशी क्षेत्र के पास दिखाई देने से दहशत का कारण बना एक नर तेंदुआ आखिरकार वन विभाग की मुस्तैदी से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। यह तेंदुआ ग्राम पंचायत सिन्धौना (लट्ठौआ बीट), रेंज उत्तर निघासन क्षेत्र से पकड़ा गया, जहां उसकी मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ था।</p>



<p>करीब 6 से 7 वर्ष आयु का यह तेंदुआ लंबे समय से इलाके में घूम रहा था, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी हुई थी। वन विभाग की टीम ने सतर्कता और योजनाबद्ध अभियान के तहत उसे काबू में लिया और तुरंत नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान, लखनऊ भेज दिया।</p>



<p>फिलहाल तेंदुए को प्राणि उद्यान के वन्यजीव चिकित्सालय में रखा गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसकी सेहत की जांच और देखभाल की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तेंदुआ स्वस्थ प्रतीत हो रहा है, लेकिन विस्तृत चिकित्सकीय परीक्षण जारी है।</p>



<p>वन अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़ी दुर्घटना टल गई। यदि तेंदुआ रिहायशी इलाके में ज्यादा समय तक रहता, तो मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो सकती थी।</p>



<p>यह घटना एक बार फिर जंगलों के सिकुड़ते दायरे और वन्यजीवों के आबादी वाले क्षेत्रों में प्रवेश की गंभीर समस्या को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित रेस्क्यू और संरक्षण दोनों ही जरूरी हैं, ताकि मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बना रहे।</p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/leopard-rescued-from-lakhimpur-village-shifted-to-lucknow-zoo-under-close-watch/">रिहायशी इलाके में दहशत का कारण बना नर तेंदुआ, रेस्क्यू के बाद सुरक्षित निगरानी में</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कागज़ों में हरित क्रांति, ज़मीनी हकीकत सवालों में</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/green-push-or-policy-illusion/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Mar 2026 10:22:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यावरण]]></category>
		<category><![CDATA[#GST #GreenIndia #PolicyDebate #EnvironmentalConcerns #DFHindi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>पर्यावरण के नाम पर नीति, फायदा किसे? निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क (DF हिंदी) भारत सरकार द्वारा जीएसटी के विवेकीकरण को “हरित परिवर्तन” की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसके प्रभाव को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किए गए इन फैसलों को &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/green-push-or-policy-illusion/">कागज़ों में हरित क्रांति, ज़मीनी हकीकत सवालों में</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong> पर्यावरण के नाम पर नीति, फायदा किसे?</strong></p>



<p>निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क (DF हिंदी)</p>



<p>भारत सरकार द्वारा जीएसटी के विवेकीकरण को “हरित परिवर्तन” की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसके प्रभाव को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किए गए इन फैसलों को पर्यावरण संरक्षण के रूप में पेश किया गया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अधिकतर कागजी और सीमित प्रभाव वाला हो सकता है।</p>



<p>अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में सीईटीपी सेवाओं पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने की घोषणा की गई है, लेकिन छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए वास्तविक राहत कितनी मिलेगी, यह स्पष्ट नहीं है। कई उद्योग पहले ही उच्च संचालन लागत और तकनीकी बाधाओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में केवल टैक्स घटाने से संरचनात्मक समस्याएं हल नहीं होंगी।</p>



<p>इसी तरह बायो डिग्रेडेबल उत्पादों पर टैक्स में कटौती को प्लास्टिक प्रदूषण के समाधान के रूप में पेश किया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि भारत में अभी भी इन उत्पादों की उपलब्धता, गुणवत्ता और जागरूकता बेहद सीमित है। कीमतों में मामूली कमी से उपभोक्ता व्यवहार में बड़ा बदलाव आना मुश्किल है।</p>



<p>हरित परिवहन के नाम पर बसों और मालवाहक वाहनों पर जीएसटी घटाकर 18% करना भी सवालों के घेरे में है। परिवहन क्षेत्र में ईंधन लागत, मेंटेनेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर की समस्याएं अधिक गंभीर हैं, जिन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। केवल टैक्स में कटौती से प्रदूषण में वास्तविक कमी आना संदिग्ध है।</p>



<p>कुल मिलाकर, यह नीति “हरित बदलाव” से ज्यादा एक आर्थिक पुनर्संतुलन का प्रयास नजर आती है, जिसमें पर्यावरण का मुद्दा एक नैरेटिव के रूप में इस्तेमाल हो रहा है। जब तक ठोस कार्यान्वयन, निगरानी और व्यापक सुधार नहीं होते, तब तक यह पहल अपेक्षित परिणाम देने में असफल रह सकती है।</p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/green-push-or-policy-illusion/">कागज़ों में हरित क्रांति, ज़मीनी हकीकत सवालों में</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कोयला क्षेत्र में ‘तकनीकी क्रांति’ के दावे, जमीनी असर पर सवाल</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/claims-of-a-technological-revolution-in-the-coal-sector-raise-questions-about-its-impact-on-the-ground/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 13 Mar 2026 08:20:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यावरण]]></category>
		<category><![CDATA[#कोयलाक्षेत्र #ऊर्जानीति #तकनीकीउन्नयन #पर्यावरणचुनौती #निश्चयटाइम्स]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क &#124; डीएफ हिंदी केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी की अध्यक्षता में कोयला मंत्रालय की परामर्श समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें कोयला कंपनियों में प्रौद्योगिकी उन्नयन और डिजिटल बदलाव को लेकर कई दावे किए गए। हालांकि बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों और योजनाओं के बीच यह सवाल भी उठने &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/claims-of-a-technological-revolution-in-the-coal-sector-raise-questions-about-its-impact-on-the-ground/">कोयला क्षेत्र में ‘तकनीकी क्रांति’ के दावे, जमीनी असर पर सवाल</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क | डीएफ हिंदी</strong></p>



<p>केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी की अध्यक्षता में कोयला मंत्रालय की परामर्श समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें कोयला कंपनियों में प्रौद्योगिकी उन्नयन और डिजिटल बदलाव को लेकर कई दावे किए गए। हालांकि बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों और योजनाओं के बीच यह सवाल भी उठने लगा कि क्या तकनीकी उन्नयन की घोषणाएं वास्तव में कोयला क्षेत्र की जमीनी चुनौतियों को हल कर पाएंगी।</p>



<p>बैठक में कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, समिति के सदस्य सांसद, कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न कोयला कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। मंत्रालय के अधिकारियों ने ‘कोयला कंपनियों में प्रौद्योगिकी उन्नयन’ को लेकर सरकार की नीतिगत पहलों, प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर प्रस्तुति दी।</p>



<p>कोयला मंत्रालय के सचिव विक्रम देव दत्त ने बताया कि वर्तमान में देश में कोयले की मांग अभूतपूर्व स्तर पर है। इसके बावजूद विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलाव के बीच भारत की कोयले पर भारी निर्भरता लंबे समय में चुनौती बन सकती है।</p>



<p>बैठक में मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि प्रौद्योगिकी उन्नयन अब विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता बन गया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ड्रोन सर्वेक्षण, 3डी लेजर स्कैनिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों के माध्यम से खनन को सुरक्षित और स्मार्ट बनाने की दिशा में काम कर रही है। साथ ही कार्बन कैप्चर, बायोमास को-फायरिंग और कोल गैसीफिकेशन जैसी तकनीकों को बढ़ावा देने की बात भी कही गई।</p>



<p>कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष बी. साईराम ने बताया कि कंपनी अन्वेषण और खनन के लिए आधुनिक उपकरणों के उपयोग के साथ-साथ रेलवे कॉरिडोर और कन्वेयर सिस्टम के जरिए कोयला परिवहन को बेहतर बनाने पर काम कर रही है। इसके अलावा डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के तहत एसएपी ईआरपी और 5जी आधारित आईओटी सिस्टम लागू किए जा रहे हैं।</p>



<p>हालांकि ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी उन्नयन के बावजूद कोयला क्षेत्र को पर्यावरणीय प्रभाव, प्रदूषण और स्वच्छ ऊर्जा की बढ़ती मांग जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में केवल तकनीकी घोषणाएं ही पर्याप्त नहीं होंगी, बल्कि ऊर्जा नीति में व्यापक बदलाव भी आवश्यक होगा।</p>



<p>बैठक में मौजूद समिति के सदस्यों ने मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की और उत्पादन बढ़ाने के लिए तकनीकी सुधारों को और तेज करने के सुझाव दिए।</p>



<p>फिलहाल सवाल यही है कि क्या कोयला क्षेत्र में घोषित ये तकनीकी बदलाव वास्तव में स्थायी समाधान साबित होंगे या फिर ये दावे केवल बैठकों और प्रस्तुतियों तक ही सीमित रह जाएंगे।</p>



<p></p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/claims-of-a-technological-revolution-in-the-coal-sector-raise-questions-about-its-impact-on-the-ground/">कोयला क्षेत्र में ‘तकनीकी क्रांति’ के दावे, जमीनी असर पर सवाल</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>‘हिम-कनेक्ट’ से हिमालयी नवाचार को नई उड़ान! भूपेंद्र यादव ने डब्ल्यूएसडीएस 2026 का किया शुभारंभ</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/india-launches-him-connect-at-wsds-2026-bhupender-yadav-flags-global-climate-gap/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Feb 2026 06:50:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यावरण]]></category>
		<category><![CDATA[#हिमकनेक्ट #WSDS2026 #भूपेंद्र_यादव #जलवायु_परिवर्तन #सतत_विकास #हिमालयी_नवाचार #निश्चय_टाइम्स]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने ऊर्जा एवं संसाधन संस्थान The Energy and Resources Institute (टीईआरआई) के विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन 2026 (WSDS) के रजत जयंती संस्करण और एमओईएफसीसी के ‘हिम-कनेक्ट’ प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। ‘हिम-कनेक्ट’ को एक संरचित मंच के रूप में विकसित किया गया है, जो राष्ट्रीय हिमालयी &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/india-launches-him-connect-at-wsds-2026-bhupender-yadav-flags-global-climate-gap/">‘हिम-कनेक्ट’ से हिमालयी नवाचार को नई उड़ान! भूपेंद्र यादव ने डब्ल्यूएसडीएस 2026 का किया शुभारंभ</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री <strong>भूपेंद्र यादव</strong> ने ऊर्जा एवं संसाधन संस्थान <strong>The Energy and Resources Institute</strong> (टीईआरआई) के विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन 2026 (WSDS) के रजत जयंती संस्करण और एमओईएफसीसी के ‘हिम-कनेक्ट’ प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया।</p>



<p>‘हिम-कनेक्ट’ को एक संरचित मंच के रूप में विकसित किया गया है, जो राष्ट्रीय हिमालयी अध्ययन मिशन (NMHS) के अंतर्गत समर्थित शोध को व्यावहारिक और लागू किए जा सकने वाले समाधानों में बदलने का काम करेगा। यह मंच हिमालयी क्षेत्र के शोधकर्ताओं को स्टार्ट-अप, उद्योग जगत, निवेशकों और नीति-निर्माताओं से जोड़कर विज्ञान और समाज के बीच एक सेतु का निर्माण करेगा।</p>



<p>अपने संबोधन में मंत्री ने स्पष्ट कहा कि दुनिया 1.5 डिग्री सेल्सियस तक तापमान वृद्धि सीमित करने के लक्ष्य की दिशा में पर्याप्त प्रगति नहीं कर रही है। उत्सर्जन में कटौती और अनुकूलन वित्त दोनों ही स्तरों पर वैश्विक प्रयास अपर्याप्त हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु चुनौती विज्ञान की नहीं, बल्कि पैमाने और गति की है।</p>



<p>श्री यादव ने भारत के विज़न को रेखांकित करते हुए 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता, 2005 के स्तर से उत्सर्जन तीव्रता में 45% कमी और 2070 तक नेट-ज़ीरो लक्ष्य की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने जोर दिया कि परिवर्तन केवल नीतिगत नहीं, बल्कि संरचनात्मक होना चाहिए—ऊर्जा प्रणालियों, आर्थिक मॉडलों और उपभोग के पैटर्न में व्यापक बदलाव जरूरी है।</p>



<p>कार्यक्रम में गुयाना के उपराष्ट्रपति <strong>Bharat Jagdeo</strong>, टीईआरआई की महानिदेशक डॉ. विभा धवन और अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।</p>



<p>यह शिखर सम्मेलन न केवल वैश्विक दक्षिण की आवाज़ को मजबूती देता है, बल्कि भारत की सतत विकास प्रतिबद्धता को भी वैश्विक मंच पर स्थापित करता है।</p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/india-launches-him-connect-at-wsds-2026-bhupender-yadav-flags-global-climate-gap/">‘हिम-कनेक्ट’ से हिमालयी नवाचार को नई उड़ान! भूपेंद्र यादव ने डब्ल्यूएसडीएस 2026 का किया शुभारंभ</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>देवगढ़ में गूंजा प्रकृति संरक्षण का संदेश: वेटलैंड थीम पर बर्ड फेस्टिवल, बुंदेलखंड बनेगा ईको-टूरिज्म हब</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/the-message-of-nature-conservation-resonated-in-devgarh-bird-festival-on-the-wetland-theme-bundelkhand-to-become-an-eco-tourism-hub/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 11:46:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यावरण]]></category>
		<category><![CDATA[#NatureAndBirdFestival #WetlandDay2026 #EcoTourismUP #DevgarhLalitpur #BundelkhandTourism #JayveerSingh #OneDistrictOneWetland #BirdFestival #WildlifeConservation #EcoTourismDevelopment]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>निश्चयट टाइम्स डेस्क। विश्व वेटलैंड दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने महावीर स्वामी वन्य जीव अभ्यारण्य, देवगढ़ (ललितपुर) में उत्तर प्रदेश नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल-2026 का भव्य उद्घाटन किया। इस वर्ष फेस्टिवल का आयोजन ‘वेटलैंड एंड ट्रेडिशनल नॉलेज: सेलिब्रेटिंग कल्चरल हेरिटेज’ की थीम पर किया गया, जिसने &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/the-message-of-nature-conservation-resonated-in-devgarh-bird-festival-on-the-wetland-theme-bundelkhand-to-become-an-eco-tourism-hub/">देवगढ़ में गूंजा प्रकृति संरक्षण का संदेश: वेटलैंड थीम पर बर्ड फेस्टिवल, बुंदेलखंड बनेगा ईको-टूरिज्म हब</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p></p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h3 class="wp-block-heading"><strong>निश्चयट टाइम्स डेस्क।</strong> विश्व वेटलैंड दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री <strong>जयवीर सिंह</strong> ने महावीर स्वामी वन्य जीव अभ्यारण्य, देवगढ़ (ललितपुर) में <strong>उत्तर प्रदेश नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल-2026</strong> का भव्य उद्घाटन किया। इस वर्ष फेस्टिवल का आयोजन <strong>‘वेटलैंड एंड ट्रेडिशनल नॉलेज: सेलिब्रेटिंग कल्चरल हेरिटेज’</strong> की थीम पर किया गया, जिसने पर्यावरण संरक्षण, जैव-विविधता और सांस्कृतिक विरासत को एक मंच पर जोड़ा।</h3>



<p>पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन विभाग और वन विभाग संयुक्त रूप से उत्तर प्रदेश को <strong>ईको-टूरिज्म के राष्ट्रीय और वैश्विक मानचित्र पर अग्रणी राज्य</strong> बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बर्ड फेस्टिवल एक मजबूत आधारशिला है।</p>



<p>उन्होंने कहा कि <strong>देवगढ़ क्षेत्र</strong> जैन मंदिरों, बौद्ध गुफाओं, दशावतार मंदिर और बेतवा नदी के किनारे फैली जैव-विविधता के कारण अद्वितीय है। नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल के माध्यम से आमजन को प्रवासी पक्षियों के दर्शन, प्रकृति भ्रमण और वेटलैंड संरक्षण से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन वेटलैंड’ की ओर बढ़ता यूपी</strong></h3>



<p>पर्यटन मंत्री ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार की <strong>‘एक जनपद, एक उत्पाद’</strong> और राज्य सरकार की <strong>‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूज़ीन’</strong> योजना के बाद अब उत्तर प्रदेश <strong>‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन वेटलैंड’</strong> लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है। उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेश में <strong>52 वेटलैंड्स सूचीबद्ध</strong> किए जा चुके हैं, जहां पर्यटन सुविधाओं के विकास पर कार्य किया जाएगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>रामसर साइट्स और टाइगर रिजर्व के आसपास पर्यटन को बढ़ावा</strong></h3>



<p>जयवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश की <strong>11 रामसर साइट्स</strong> और <strong>4 टाइगर रिजर्व</strong> के आसपास ईको-टूरिज्म सुविधाओं के विकास पर सहमति बनी है। यूके, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से आए टूर ऑपरेटर्स उत्तर प्रदेश को अपनी अंतरराष्ट्रीय यात्रा योजनाओं में शामिल कर रहे हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>ललितपुर-झांसी में 24 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण</strong></h3>



<p>इस अवसर पर पर्यटन मंत्री ने ललितपुर और झांसी जनपदों में <strong>करीब 24 करोड़ रुपये की पर्यटन विकास परियोजनाओं</strong> का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड निवेश से रोजगार सृजन, स्थानीय विकास और क्षेत्रीय संतुलन को मजबूती मिलेगी।</p>



<p>कार्यक्रम में पर्यावरण मंत्री <strong>अरुण सक्सेना</strong>, राज्य मंत्री <strong>कृष्ण पाल मलिक</strong>, <strong>मनोहर लाल पंथ</strong>, विधायक <strong>रामरतन कुशवाहा</strong> सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, प्रकृति प्रेमी और विशेषज्ञ उपस्थित रहे। इस दौरान कॉफी टेबल बुक, सारस गणना-2025 रिपोर्ट का विमोचन, तकनीकी सत्र, बर्डिंग-ट्रैकिंग और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए।</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h3 class="wp-block-heading"></h3>



<p></p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/the-message-of-nature-conservation-resonated-in-devgarh-bird-festival-on-the-wetland-theme-bundelkhand-to-become-an-eco-tourism-hub/">देवगढ़ में गूंजा प्रकृति संरक्षण का संदेश: वेटलैंड थीम पर बर्ड फेस्टिवल, बुंदेलखंड बनेगा ईको-टूरिज्म हब</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
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