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	<title>इंटरव्यू - Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</title>
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	<title>इंटरव्यू - Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</title>
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		<title>बांग्लादेश में वायुसेना का F-7 विमान क्रैश</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/air-forces-f-7-plane-crashes-in-bangladesh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 21 Jul 2025 10:23:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[इंटरव्यू]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>निश्चय टाइम्स, डेस्क। बांग्लादेश की राजधानी ढाका में सोमवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया जब वायुसेना का एक प्रशिक्षण विमान F-7 BGI उत्तरा क्षेत्र में माइलस्टोन स्कूल एंड कॉलेज के पास क्रैश हो गया। विमान के स्कूल परिसर के ऊपर गिरते ही उसमें भीषण आग लग गई, जिससे चारों ओर अफरा-तफरी मच गई। घटना &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p data-start="198" data-end="504"><strong data-start="198" data-end="223">निश्चय टाइम्स, डेस्क। </strong>बांग्लादेश की राजधानी ढाका में सोमवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया जब वायुसेना का एक प्रशिक्षण विमान F-7 BGI उत्तरा क्षेत्र में माइलस्टोन स्कूल एंड कॉलेज के पास क्रैश हो गया। विमान के स्कूल परिसर के ऊपर गिरते ही उसमें भीषण आग लग गई, जिससे चारों ओर अफरा-तफरी मच गई। घटना की पुष्टि करते हुए फायर ब्रिगेड अधिकारी लीमा खान ने बताया कि हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि चार लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।</p>
<h3 data-start="706" data-end="742"> हादसे के तुरंत बाद मचा हड़कंप</h3>
<p data-start="744" data-end="957">प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विमान में गिरते ही तेज धमाका हुआ और फिर उससे आग की ऊंची-ऊंची लपटें निकलने लगीं। लपटों की चपेट में आसपास के पेड़-पौधे भी जल गए, और पूरा इलाका घने काले धुएं से भर गया। हादसे के तुरंत बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की कई टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। स्कूल परिसर को खाली करा लिया गया है और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। हादसे के कारणों की जांच वायुसेना द्वारा शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि F-7 BGI विमान प्रशिक्षण उड़ान पर था जब तकनीकी खराबी या नियंत्रण की समस्या के चलते यह हादसा हुआ। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि विमान में कोई पायलट या अन्य कर्मचारी सवार था या नहीं।</p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/air-forces-f-7-plane-crashes-in-bangladesh/">बांग्लादेश में वायुसेना का F-7 विमान क्रैश</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>उम्र और आंकड़ेबाजी के हिसाब से भारत ‘तरूण भारत’ हो गया है</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/india-has-become-young-india-in-terms-of-age-and-statistics/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Jan 2025 10:31:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[इंटरव्यू]]></category>
		<category><![CDATA[#youth #special feeling #desire #dream #swami vivekananda #jaiprakash narayan #indira gandhi #hridaynarayan dixit]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>हृदयनारायण दीक्षित तरूणाई एक विशेष अनुभूति है। स्वप्न देखने की अभिलाषा। इस अनुभूति में विराट आकाश भी छोटा हो जाता है। तरूणाई है चेतन मन का विशेष छन्द। तब नाचने का मन करता है। ऊर्जा का गहन अतिरेक, ओजस् तेजस् से भरपूर चित्त। सतत् पुनर्नवा गतिशीलता। जिज्ञासु प्रश्नाकुलता। धरती से आकाश तक उड़ान को तत्पर &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h5><em><strong>हृदयनारायण दीक्षित</strong></em></h5>
<p>तरूणाई एक विशेष अनुभूति है। स्वप्न देखने की अभिलाषा। इस अनुभूति में विराट आकाश भी छोटा हो जाता है। तरूणाई है चेतन मन का विशेष छन्द। तब नाचने का मन करता है। ऊर्जा का गहन अतिरेक, ओजस् तेजस् से भरपूर चित्त। सतत् पुनर्नवा गतिशीलता। जिज्ञासु प्रश्नाकुलता। धरती से आकाश तक उड़ान को तत्पर जिजीवीषा। मन में शिव संकल्प। शिव संकल्प के प्रति श्रद्धा और संकल्प में बल। लक्ष्य के प्रति सतत् संकल्पबद्ध अनुभूति का नाम है-तरूणाई। युवा होना सिर्फ कम उम्र का होना नहीं है। तरूणाई की अनुभूति में उम्र का कोई बंधन नहीं होता। 80 बरस के युवा देखे गये हैं और 25 बरस के वृद्ध। सतत् जिज्ञासा, सतत् स्वप्न सतत् कर्म सतत् मस्त मन और स्वप्न-उमंग से भरपूर आत्मचेतन का नाम युवा है। स्वप्नहीनता और निराशा बुढ़ापा है। गहन आशा और शिव संकल्पों वाला मन ही तरूणाई है। मनुष्य की तरह राष्ट्र भी जीवमान सत्ता हैं। राष्ट्र भी उम्र से बूढ़े नहीं होते, कम उम्र के राष्ट्र युवा नहीं होते। पाकिस्तान की उम्र अभी 77 बरस ही है और भारत हजारों वर्ष प्राचीन। तो क्या भारत बूढ़ा है? और पाकिस्तान युवा? नहीं भारत चिरयुवा है और नित्य नूतन भी। पाकिस्तान इतिहास के मध्यकाल में ही जीने के कारण बूढ़ा है।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-13190" src="https://nishchaytimes.com/wp-content/uploads/2025/01/swami-300x300.jpg" alt="" width="300" height="300" srcset="https://nishchaytimes.com/wp-content/uploads/2025/01/swami-300x300.jpg 300w, https://nishchaytimes.com/wp-content/uploads/2025/01/swami-150x150.jpg 150w, https://nishchaytimes.com/wp-content/uploads/2025/01/swami.jpg 700w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>आज <a href="https://en.wikipedia.org/wiki/Swami_Vivekananda"><strong>स्वामी विवेकानन्द</strong></a> की जन्म तिथि है। वे भारत की तरूणाई को जगा रहे थे। 1974 में उभरा युवा आन्दोलन उम्र से वयोवृद्ध लेकिन मन से युवा <a href="https://en.wikipedia.org/wiki/Jayaprakash_Narayan"><strong>जयप्रकाश नारायण</strong></a> के नेतृत्व में राष्ट्रव्यापी था। इसे ‘सम्पूर्ण क्रान्ति’ का आन्दोलन कहा जाता है। तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती <a href="https://en.wikipedia.org/wiki/Indira_Gandhi"><strong>इन्दिरा गांधी</strong></a> की सत्ता ने इस आन्दोलन को रौंदा, आपातकाल लगाया। देश कैदखाना बना। लेकिन युवा आन्दोलन ने तानाशाह सत्ता का तख्ता पलट दिया। सत्ता हिंसक रही लेकिन युवा आन्दोलनकारी अहिंसा के व्रती रहे। स्वाधीनता आन्दोलन में महात्मा गांधी ने युवकों में जोश भरा था। वे ‘यंग इण्डिया’ में लिखते थे, युवा भारत से सम्वाद बनाते थे। स्वामी विवेकानन्द ने भी युवकों को विशेष रूप से सम्बोधित किया। युवा ऊर्जा से भरपूर होते हैं। वे नये होते हैं और नया चाहते हैं। उन्हें प्यार चाहिए, प्यार के साथ ज्ञान चाहिए, ज्ञान के साथ अनुभूतिपरक आत्मबोध चाहिए। आत्मबोध के साथ राष्ट्रीय गौरवबोध चाहिए। एक वास्तविक इतिहास बोध चाहिए। विदेशी विद्वानों की विचारधारा से लदा फंदा इतिहासबोध नहीं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone  wp-image-13192" src="https://nishchaytimes.com/wp-content/uploads/2025/01/jp-300x169.jpg" alt="" width="437" height="246" srcset="https://nishchaytimes.com/wp-content/uploads/2025/01/jp-300x169.jpg 300w, https://nishchaytimes.com/wp-content/uploads/2025/01/jp-1024x576.jpg 1024w, https://nishchaytimes.com/wp-content/uploads/2025/01/jp-768x432.jpg 768w, https://nishchaytimes.com/wp-content/uploads/2025/01/jp.jpg 1200w" sizes="auto, (max-width: 437px) 100vw, 437px" /></p>
<p>भारत के युवकों में विवेकानन्द की प्रासंगिकता बढ़ गयी है। जन्म की 150वीं वर्षगांठ के उत्सव प्रेरक रहे हैं। भारत की जनसंख्या में 25 साल की उम्र वाले युवकों का प्रतिशत 40 पार हो रहा है। उम्र और आंकड़ेबाजी के हिसाब से भारत ‘तरूण भारत’ हो गया है। भारत को ‘इण्डिया’ बताने वाले युवकों को ‘यंग इण्डिया’ बता रहे हैं। तो क्या भारत 21वीं सदी में ही युवा हुआ है? वैदिक काल और उत्तर वैदिक काल का भारत अग्निधर्मा युवा राष्ट्र था। अपनी मेधा में दीप्त था। स्वप्नद्रष्टा था। समूचे ब्रह्माण्ड के रहस्य जान लेना चाहता था। यहां सभी देव प्रतीक युवा हैं। तन से और मन से भी। श्रीराम चिर युवा हैं। श्रीकृष्ण की तरूणाई गजब की। संगीत और अस्त्र साथ-साथ। बासुरी से लोक सम्मोहन का संगीत और सुदर्शन चक्र से बुरे का वध। वैदिक ऋषियों ने गहन अनुभूति में स्वयं को ‘अमृत पुत्र’ जाना था। ऋग्वेद, यजुर्वेद और श्वेताश्वतर उपनिषद् में एक साथ आए एक मंत्र में कहते हैं, “श्रृणवन्तु विश्वे अमृतस्य पुत्रा-विश्व के विभिन्न लोकों के सभी अमृत पुत्र सुने।”</p>
<p>स्वामी विवेकानन्द ने भी अमृतपुत्र कहते हुए भारतवासियों का आह्वान किया था। ऋग्वेद का ‘पुरूष’ प्रतीक सदा तरूण युवा है। इसके पुरूष सूक्त (10.90) का ‘पुरूष’ यजुर्वेद और अथर्ववेद में भी एक जैसा युवा है। इस पुरूष की महिमा मजेदार है-जो भूतकाल में हो चुका और जो भविष्य में होगा, वह सब यही पुरूष है। यह लगातार बढ़ रहा है अमृतस्वरूप है।” सदा तरूण है यह तत्व। अमृत तत्व मनुष्य की आदिम अभिलाषा है। सब देखते हैं कि मनुष्य मरणधर्मा है। जो आया है, सो जाता है। अमरत्व किसी को नहीं मिला। यह जानते हुए भी अमरतत्व की प्यास है। अमरत्व की शोध में वैज्ञानिक भी श्रमरत हैं। उन्होंने सौ शरद् जीने की स्तुतियां की लेकिन अभीप्सा में अमरत्व ही था। कारण साफ हैं कि हम सब अमर चेतन से ही जीवन में आए हैं। मृत्यु शरीर छीनती है लेकिन अमरत्व नहीं मरता।</p>
<p>उपनिषदों में युवा चेतना है। कठोपनिषद् में युवा नचिकेता और मृत्यु के देवता का प्रीतिपूर्ण सम्वाद है। नचिकेता के लिए “कुमार होते हुए भी विचार करने लगा” शब्द आए हैं। कथा बड़ी प्यारी है। पिता विश्वजित यज्ञ करवा रहे थे लेकिन बूढ़ी गायों का दान दे रहे थे। युवा नचिकेता ने सीधे पिता से ही प्रश्न पूछा “ऐसी अशक्त, दूध न देने वाली बूढ़ी गायों का दान क्यों दे रहे हैं? यज्ञ में तो प्रिय का दान दिया जाता हे, आप मुझे किसे देंगे? नचिकेता ने तीन बार यही प्रश्न पूंछा, गुस्साए पिता ने कहा “मैं तुझे मृत्यु को देता हूं-मृत्यवे त्वं ददामिति।” (वही 4) कथा के अनुसार नचिकेता मृत्युदेव यम के घर पहुंचा। नचिकेता और उसके पिता के आचरण स्वाभाविक हैं। पिता थे तो ऋषि लेकिन फल की इच्छा से विश्वजित यज्ञ करवा रहे थे। नचिकेता युवा था।</p>
<p>युवा आग्रह असाधारण होते हैं। विवेकानन्द के स्वप्नों वाले युवकों के लिए यह संवाद उपयोगी हैं। यमराज ने उसे तीन मनपसंद उपलब्धियां देने का आश्वासन दिया। नचिकेता ने पहला वर मांगा “मेरे पिता का गुस्सा मेरे प्रति शान्त हो। वे प्रसन्न रहें।” यम ने यह वर दे दिया। नचिकेता ने दूसरा वर मांगा “स्वर्ग में बुढ़ापा नहीं। भय नहीं और न मृत्यु। लेकिन यह स्वर्ग ‘अग्नि विज्ञानी’ को ही मिलता है। मेरी अग्नि विज्ञान में आस्था है, आप मुझे अग्नि विज्ञान पढ़ाइए।” (वही 12, 13) यमराज ने अग्नि विज्ञान बताया।</p>
<p>मृत्यु के बाद के रहस्य विज्ञान की चुनौती हैं। साधारण युवा इस रहस्य के प्रति प्रश्नाकुल नहीं होते। युवा नचिकेता ने तीसरा वर मांगा “मरे हुए मनुष्यों के बारे में संशय हैं। कुछ लोग कहते हैं कि मरने के बाद आत्म तत्व शेष रहता है, कुछ लोग कहते हैं कि नहीं रहता। आप बताए सही क्या हैं?” (वही 20) यह प्रश्न आज भी जस का तस है। यमराज ने कहा कि इस प्रश्न पर प्राचीनकाल से संशय है। तुम कोई दूसरा वर मांगो। नचिकेता ने कहा कि जब पूर्वकाल से ही यह प्रश्न संशय में है और आप इसके ज्ञाता हैं तो इसी प्रश्न का उत्तर दीजिए।” भारत के सुदूर अतीत के युवा मृत्यु रहस्यों को जानने पर जोर दे रहे थे। युवा विवेकानन्द ने भी गुरू रामकृष्ण से ऐसे ही रहस्य जानने की जिज्ञासाएं की थीं।</p>
<p>सांसारिक सुख ढेर सारे। वे स्वाभाविक ही आकर्षित करते हैं। यम ने नचिकेता से कहा, “ढेर सारा धन लो, सौ वर्ष की स्वस्थ आयु लो, पुत्र पौत्र लो, राजा बनौ।” नचिकेता ने कहा “वे क्षणभंगुर हैं। मनुष्य कभी धन से तुष्ट नहीं होता। जीवन मरणधर्मा है। आप कृपया वही बताएं।” यमराज ने नचिकेता की जिज्ञासा की प्रशंसा की। तुमने सांसारिक सुखों की तुलना में आत्मबोध को महत्व दिया है। तुम सत्य धृति हो। हमें तुम्हारे जैसे प्रश्नकत्र्ता ही मिला करें।” यम ने नचिकेता को सारा तत्व ज्ञान दिया और कहा कि यह आत्मतत्व तर्क, प्रवचन या मेधा से नहीं मिलता। कहा, “उठो, जागो, इच्छित बोध पाओ-उत्तिष्ठत् जागृत प्राप्यवरान्नि बोधत्।“ स्वामी विवेकानन्द इस मंत्र को दोहराते थे। भारत के युवकों को ऐसा ही आत्मबोध चाहिए।</p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/india-has-become-young-india-in-terms-of-age-and-statistics/">उम्र और आंकड़ेबाजी के हिसाब से भारत ‘तरूण भारत’ हो गया है</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title> मथुरा में 6 दिसंबर को पुलिस अलर्ट, श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह मस्जिद के आसपास चेकिंग अभियान</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/police-alert-on-december-6-in-mathura-checking-campaign-around-shri-krishna-birthplace-and-shahi-idgah-mosque/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 06 Dec 2024 08:26:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अयोध्या]]></category>
		<category><![CDATA[इंटरव्यू]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Mathura]]></category>
		<category><![CDATA[Police alert on December 6]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अयोध्या विवादित ढांचे के विध्वंस की बरसी 6 दिसंबर को लेकर मथुरा में पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह मस्जिद के आसपास चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही पुलिस ड्रोन के जरिए बाजार और घरों की छतों पर भी निगरानी &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h5><strong><a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%85%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE">अयोध्या</a> विवादित</strong> ढांचे के विध्वंस की बरसी 6 दिसंबर को लेकर मथुरा में पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A3_%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AE_%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A4%BF">श्रीकृष्ण जन्मस्थान</a> और शाही ईदगाह मस्जिद के आसपास चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही पुलिस ड्रोन के जरिए बाजार और घरों की छतों पर भी निगरानी रख रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।</h5>
<h5><strong>सुरक्षा इंतजामों को लेकर तैयारियां पूरी</strong><br />
मथुरा पुलिस ने शहर में पूरी सुरक्षा व्यवस्था की है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह मस्जिद के आसपास को दो जोन और दस सेक्टर में बांटकर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस द्वारा इन क्षेत्रों में सभी महत्वपूर्ण प्वाइंट्स पर सतर्क निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा, सुरक्षा कारणों से कुछ हिंदूवादी नेताओं को उनके घरों में नजरबंद किया गया है।</h5>
<h5><strong>चेकिंग अभियान और संदिग्ध महिला की हिरासत</strong><br />
पुलिस ने शुक्रवार सुबह से ही सख्त चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है। जन्मभूमि दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को चेकिंग के बाद ही अंदर प्रवेश करने दिया जा रहा है। इसके अलावा, श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर बैरीकेडिंग लगाकर पुलिस चेकिंग कर रही है।</h5>
<h5>इस दौरान पुलिस ने जन्मभूमि के पास संदिग्ध हालत में आई एक महिला को हिरासत में लिया और पूछताछ की। पुलिस का मानना है कि महिला का आना कुछ संदिग्ध था, इसलिए उसे सुरक्षा के मद्देनजर गिरफ्तार किया गया है।</h5>
<h5><strong>हिंदू महासभा के जिलाध्यक्ष की नजरबंदी</strong><br />
पुलिस ने अखिल भारत हिन्दू महासभा के जिलाध्यक्ष मुरली मनोहर सिंह को भी घर में नजरबंद कर दिया है। मुरली मनोहर सिंह श्रीकृष्ण जन्मभूमि भूमि पूजन के लिए जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनकी गतिविधियों को रोकने के लिए यह कदम उठाया।</h5>
<h5><strong>आशंका और सावधानियां</strong><br />
मथुरा पुलिस की ओर से लगातार उच्च स्तर की सतर्कता बरती जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की घटना से निपटा जा सके। इस दिन को लेकर पहले से ही सुरक्षा इंतजामों को मजबूत किया गया था, और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस तैनात है।</h5>
<h5>6 दिसंबर की बरसी पर मथुरा में विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, और शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने शहर में शांति बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए हैं, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो और कानून-व्यवस्था बनी रहे।</h5><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/police-alert-on-december-6-in-mathura-checking-campaign-around-shri-krishna-birthplace-and-shahi-idgah-mosque/"> मथुरा में 6 दिसंबर को पुलिस अलर्ट, श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह मस्जिद के आसपास चेकिंग अभियान</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नमाज के दौरान मस्जिद के पास हनुमान चालीसा का पाठ, यूपी कॉलेज के 7 छात्र हिरासत में</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/hanuman-chalisa-recited-near-mosque-during-namaz-7-students-of-up-college-detained/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 04 Dec 2024 10:02:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[इंटरव्यू]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[7 students of UP college detained]]></category>
		<category><![CDATA[Hanuman Chalisa]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>वाराणसी। वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज में मंगलवार को एक विवादित घटना घटी, जब कुछ छात्रों ने कॉलेज परिसर स्थित मस्जिद के पास हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान सात छात्रों को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। विदेशी छात्रों का विरोध उदय प्रताप कॉलेज &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/hanuman-chalisa-recited-near-mosque-during-namaz-7-students-of-up-college-detained/">नमाज के दौरान मस्जिद के पास हनुमान चालीसा का पाठ, यूपी कॉलेज के 7 छात्र हिरासत में</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="flex max-w-full flex-col flex-grow">
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<h5><strong>वाराणसी।</strong> वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज में मंगलवार को एक विवादित घटना घटी, जब कुछ छात्रों ने कॉलेज परिसर स्थित मस्जिद के पास हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान सात छात्रों को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।</h5>
<h5><strong>विदेशी छात्रों का विरोध</strong></h5>
<h5>उदय प्रताप कॉलेज के छात्र नेता विवेकानंद सिंह ने दावा किया कि मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए &#8220;बाहरी लोग&#8221; इकट्ठा हो गए थे, जिसके विरोध में उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ करने का निर्णय लिया। सिंह ने कहा, &#8220;अगर यहां के छात्र मस्जिद या मंदिर में नमाज या पूजा करते हैं तो हमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कॉलेज परिसर में बाहरी लोग नमाज पढ़ने के लिए भीड़ जमा करें, यह हमें स्वीकार्य नहीं है।&#8221;</h5>
<h5><strong>हनुमान चालीसा का पाठ करने पर पुलिस ने किया हस्तक्षेप</strong></h5>
<h5>विवेकानंद सिंह के अनुसार, हनुमान चालीसा का पाठ करने के बावजूद पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन छात्र अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पाठ करते रहे। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने बाद में सात छात्रों को हिरासत में लिया, लेकिन शाम तक सभी को छोड़ दिया गया।</h5>
<h5><strong>पुलिस का बयान</strong></h5>
<h5>कैंट क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्त विदुष सक्सेना ने बताया कि पुलिस ने घटना के बाद छात्रों को शांत कर लिया और उन्हें वापस भेज दिया। उन्होंने यह भी बताया कि छात्रों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन शाम तक उन्हें छोड़ दिया गया।</h5>
<h5><strong>कॉलेज और मस्जिद विवाद</strong></h5>
<h5>यह विवाद कॉलेज परिसर में स्थित मस्जिद के संबंध में एक पुराने विवाद को भी उजागर करता है। उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने 2018 में कॉलेज को नोटिस भेजकर दावा किया था कि मस्जिद वक्फ बोर्ड की संपत्ति है। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने इस दावे को नकारते हुए कहा कि मस्जिद अवैध रूप से बनाई गई है और कॉलेज की संपत्ति ट्रस्ट की है, जिसे न तो खरीदा जा सकता है और न ही बेचा।</h5>
<h5>यह घटना स्थानीय समुदाय में तनाव का कारण बनी है और पुलिस प्रशासन से इस मामले में और सख्त कदम उठाने की मांग की जा रही है।</h5>
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</div><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/hanuman-chalisa-recited-near-mosque-during-namaz-7-students-of-up-college-detained/">नमाज के दौरान मस्जिद के पास हनुमान चालीसा का पाठ, यूपी कॉलेज के 7 छात्र हिरासत में</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>इस्कॉन की बांग्लादेश में पुजारियों को सलाह: &#8216;भगवा वस्त्र न पहनें, तिलक का प्रदर्शन न करें&#8217;</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/iskcons-advice-to-priests-in-bangladesh-dont-wear-saffron-clothes-dont-display-tilak/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 03 Dec 2024 09:50:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>कोलकाता। इस्कॉन (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस) कोलकाता ने बांग्लादेश में रह रहे अपने पुजारियों को एक महत्वपूर्ण सलाह दी है। संस्था ने उन्हें सार्वजनिक तौर पर भगवा वस्त्र पहनने और तिलक लगाने से बचने का आग्रह किया है। यह सलाह उस समय दी गई है जब बांग्लादेश में हिंदू समुदाय और अल्पसंख्यकों के खिलाफ &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/iskcons-advice-to-priests-in-bangladesh-dont-wear-saffron-clothes-dont-display-tilak/">इस्कॉन की बांग्लादेश में पुजारियों को सलाह: ‘भगवा वस्त्र न पहनें, तिलक का प्रदर्शन न करें’</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="flex max-w-full flex-col flex-grow">
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<h5><strong>कोलकाता।</strong> इस्कॉन (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस) कोलकाता ने बांग्लादेश में रह रहे अपने पुजारियों को एक महत्वपूर्ण सलाह दी है। संस्था ने उन्हें सार्वजनिक तौर पर भगवा वस्त्र पहनने और तिलक लगाने से बचने का आग्रह किया है। यह सलाह उस समय दी गई है जब बांग्लादेश में हिंदू समुदाय और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं और इस्कॉन के पुजारियों को भी गिरफ्तार किया गया है।</h5>
<h5>इस्कॉन कोलकाता के प्रवक्ता राधारमण दास ने मंगलवार को कहा, &#8220;हमने बांग्लादेश में हमारे साधुओं और भक्तों से अपील की है कि वे अपनी आस्था का पालन करते हुए सार्वजनिक रूप से अपनी पहचान न दिखाएं।&#8221; उन्होंने आगे बताया कि यह सलाह सुरक्षा कारणों से दी गई है और इसका उद्देश्य केवल उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।</h5>
<h5>राधारमण दास ने बताया, &#8220;हमने पुजारियों से कहा है कि वे घरों या मंदिरों के अंदर ही अपने धार्मिक कर्तव्यों का पालन करें और सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे कपड़े पहनें जो लोगों का ध्यान आकर्षित न करें।&#8221; उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई सामान्य दिशा-निर्देश नहीं है, बल्कि उन भक्तों और साधुओं के लिए एक निजी सुझाव है, जो हाल ही में इस स्थिति पर चिंतित होकर संपर्क कर रहे हैं।</h5>
<h5><strong>बांग्लादेश में हिंसा और धमकियां</strong></h5>
<h5>राधारमण दास ने बांग्लादेश में मंदिरों पर हमलों, धार्मिक समारोहों में बाधा डालने और भक्तों को धमकियां देने की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा, &#8220;हमारे भक्तों और उनके परिवारों को काफी डर और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।&#8221; उन्होंने यह भी कहा कि चिन्मय कृष्ण दास का बचाव कर रहे वकील रमन रॉय पर भी इस्लामवादियों के एक समूह ने हमला किया।</h5>
<h5>इस्कॉन ने बांग्लादेश सरकार से अनुरोध किया है कि वह इस मामले में सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए वकील को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करे, ताकि धार्मिक मामलों में न्याय मिल सके।</h5>
<h5><strong>स्थिति की गंभीरता</strong></h5>
<h5>बांग्लादेश में इस्कॉन के अनुयायी और साधु इन दिनों सुरक्षा संकट का सामना कर रहे हैं। राधारमण दास ने इसे चिंताजनक स्थिति बताते हुए कहा, &#8220;यह अस्थायी उपाय है और हम इस्कॉन अनुयायियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।</h5>
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