सीसीआरएएस ने आयुष में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर प्रशिक्षण
एआई आधारित अनुसंधान से आयुष को मुख्यधारा में लाने की दिशा में बड़ा कदम, 33 प्रशिक्षुओं ने किया नवाचारपूर्ण प्रोजेक्ट पर कार्य

निश्चय टाइम्स डेस्क।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अधीन केंद्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) ने आयुष में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) अनुप्रयोगों पर आधारित अपने विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का 30 जनवरी 2026 को सफलतापूर्वक समापन किया। यह कार्यक्रम 15 दिसंबर 2025 को प्रारंभ हुआ था, जिसका उद्देश्य सूचना प्रौद्योगिकी और डेटा-आधारित दृष्टिकोणों को आयुष अनुसंधान में सुदृढ़ करना रहा।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए देशभर से 180 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से सुव्यवस्थित चयन प्रक्रिया के बाद 33 प्रतिभागियों का चयन किया गया। चयनित प्रशिक्षु मुख्य रूप से नई दिल्ली एवं आसपास के इंजीनियरिंग संस्थानों से थे। कार्यक्रम को आयुष प्रणालियों से जुड़े विविध क्षेत्रों में एआई के व्यावहारिक अनुप्रयोगों की समझ विकसित करने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया था।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने औषधीय पौधों पर शोध, जैवसूचना विज्ञान, प्रकृति मूल्यांकन, मेडिकल इमेजिंग, शारीरिक मुद्रा पहचान और पांडुलिपियों की ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (OCR) जैसी अत्याधुनिक एआई परियोजनाओं पर कार्य किया। ये सभी परियोजनाएं डिजिटल प्रलेखन, साक्ष्य निर्माण तथा पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के प्रौद्योगिकी-आधारित सत्यापन के सीसीआरएएस के दीर्घकालिक लक्ष्यों के अनुरूप रहीं।
कार्यक्रम ने एक संवादात्मक और अंतःविषयक शिक्षण वातावरण प्रदान किया, जिसमें प्रतिभागियों को आयुष की पारंपरिक अवधारणाओं को आधुनिक गणनात्मक उपकरणों के साथ एकीकृत करने का अवसर मिला। विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से नवाचार, आलोचनात्मक सोच और व्यावहारिक समस्या-समाधान कौशल को बढ़ावा मिला।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए सीसीआरएएस के महानिदेशक प्रो. रबीनारायण आचार्य ने आयुष क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की रणनीतिक भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान विकसित किए गए अनुप्रयोगों को अब परियोजना-आधारित कार्यान्वयन, सत्यापन और विस्तार की दिशा में आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
इस अवसर पर सीसीआरएएस के उप महानिदेशक डॉ. एन. श्रीकांत, वरिष्ठ अधिकारी और अनुसंधान अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समन्वय में डॉ. राकेश नारायण वी. (प्रभारी अधिकारी-आईटी), श्री नमन गोयल, श्री साहिल, डॉ. गगनदीप एवं आईटी सेल के अन्य तकनीकी अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयुष अनुसंधान में क्षमता निर्माण, नवाचार और प्रौद्योगिकी-संचालित साक्ष्य आधारित दृष्टिकोण को सशक्त करने की दिशा में सीसीआरएएस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


