लखनऊ

शिशु स्वरूपी श्रीकृष्ण की लीलाओं से सजा चैती महोत्सव

लखनऊ । श्री ऐशबाग रामलीला समिति के तत्वाधान चल रहे भारतीय नववर्ष मेला एवं चैती महोत्सव के दूसरे दिन श्रीकृष्ण लीला के मंचन में कन्हैया जी के जन्म पर नंदगांव में छायीं खुशियां बजे बधाई गीतों पर हुआ नृत्य इसके उपरांत शिशु स्वरूपी कृष्ण को मारने के लिए मथुरा के राजा कंस ने मायावी राक्षसी पूतना को नंदगांव भेजा जहाँ वह वेष बदल कर छल से शिशु कृष्ण को जहरीला स्तनपान करा उन्हे मारने का प्रयास करने पहुंचती है परंतु भगवान ने शिशु स्वरूप मे ही मायावी राक्षसी का वध कर दिया पूतना के वध से बौखला कर कंस ने कागासुर नामक खुंखार दैत्य को भगवान श्रीकृष्ण की हत्या करने के उद्देश्य से उसे नंद गांव भेजा जहाँ शिशु कान्हा अपने खटोले में लेटे थे तभी कागासुर ने कौए का रूप धारण कर उन्हे मारने का प्रयास किया परंतु वह बाल कृष्ण के हाथों से ऐसा मारा गया की सीधे कंस के पास गिरने के बाद उसके प्राण निकल गए कागासुर के वध से मथुरा में बैठा कंस भयभीत हो उठा और इधर नंद बाबा के घर पर शिशु स्वरूपी बलराम और श्रीकृष्ण के नामकरण का समारोह आरंभ हो गया ।
श्रीकृष्ण लीला में कंस का अभिनय सजल सरकार वासुदेव का उज्जवल कुंडू, देवकी के स्वरूप में वासंती वर्मन,नंद बाबा बने भास्कर बोस, माता यशोदा के किरदार में अपर्णा भट्टाचार्य, रोहिणी का रोल जयता घोष ने तथा भगवान विष्णु के रूप मे देवोप्रियो राय, माता लक्ष्मी बनी नेहा राजवंशी, योगमाया के स्वरूप में तितली बोस, सांडिल्य ऋषि बने शंकर पॉल, सेनापति चांडूर के किरदार मे देवोज्योति व महाराज उग्रसेन के किरदार को श्यामल दास ने जीवंत किया ।
कलाकारों की मेहनत को दर्शकों की भीड़ ने तालियों से खूब सराहा ।
कृष्णलीला के मंचन से पूर्व श्रंगारी नृत्य समूह द्वारा डॉ. मीरा दीक्षित के नृत्य निर्देशन एवं तनु श्री के संयोजन में भजन जय जगदीश हरे व रास नृत्य पर कलाकार तनुश्री, अरिंदम सिंह व मोहित गौतम के साथ ही निष्ठा, खुशी यादव व सौम्या पाण्डेय ने नृत्य प्रस्तुतियां दीं ।
श्रंगारी नृत्य समूह के उपरांत हुमा साहू के नेतृत्व में खुशी, संस्कृति, निष्ठा, अन्वेषा, अमौली, शीतल, आराध्या व अनन्या ने राधा कृष्ण रास, कृष्ण वंदना एवं होली गीत पर नृत्य कला को मंचित किया । कल मंगलवार को श्री कृष्णलीला में नारद महादेव संवाद, शंकर जी द्वारा श्री कृष्ण के बाल रूप का दर्शन, माखन लीला, वस्त्रहरण प्रसंग, माता यशोदा को विश्वरूप दर्शन व राधा कृष्ण मिलन की लीलाएं प्रमुख रहेंगी |

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