उत्तर प्रदेश में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बवाल: बहराइच में पथराव, आगजनी और हत्या के बाद हालात तनावपूर्ण

बहराइच, उत्तर प्रदेश – रविवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बवाल देखने को मिला, जिसमें गोंडा और बलरामपुर के बाद बहराइच जिला भी सांप्रदायिक तनाव से सुलग उठा। बहराइच के महराजगंज कस्बे में दो समुदायों के बीच विवाद के बाद युवक रामगोपाल मिश्रा की हत्या कर दी गई, जिसके बाद जिले में हिंसा भड़क गई। पथराव, आगजनी और लाठीचार्ज की घटनाओं के चलते हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए। देर रात तक जिले में प्रदर्शन और आगजनी जारी रही, जबकि पुलिस और प्रशासन बैकफुट पर नजर आए।
कैसे हुआ बवाल?
बहराइच के महसी तहसील के महराजगंज कस्बे में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान गाने को लेकर विवाद हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कस्बे के निवासी अब्दुल हमीद और उनके बेटों ने गाली-गलौज की, जिसके बाद छतों से पथराव शुरू कर दिया गया। इसी बीच, रामगोपाल मिश्रा (24) को उनके घर में घसीटकर गोली मार दी गई, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पूजा समितियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया और पूरे जिले में तनाव फैल गया।

पथराव और आगजनी
घटना के बाद जिले के विभिन्न इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर जाम लगा दिया और कुछ स्थानों पर वाहनों में आग लगा दी। स्टीलगंज तालाब मार्केट के पास एक गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया, जबकि अस्पताल चौराहे पर लगे बैनरों को भी जलाया गया। दमकल कर्मियों पर पथराव भी किया गया, जिससे उन्हें मौके से भागना पड़ा। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा, लेकिन गुस्साए लोगों ने नानपारा-लखीमपुर हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और हालात
बवाल के बाद पूरे जिले में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बहराइच एसपी वृंदा शुक्ला और अन्य आला अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं। एसपी ने बताया कि जिले में छह थानों की पुलिस और दो प्लाटून पीएसी तैनात की गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।

तनावपूर्ण स्थिति
रामगोपाल मिश्रा की हत्या के बाद मेडिकल कॉलेज के बाहर भीड़ ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। शव को सड़क पर रखकर विरोध जताया गया और नारेबाजी की गई। पूजा समितियों ने प्रतिमाओं का विसर्जन रोक दिया और एसओ पर कार्रवाई की मांग की। देर रात तक शहर के विभिन्न हिस्सों में तनाव बना रहा और पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए इलाके में कर्फ्यू जैसा माहौल बना दिया।
प्रशासन का बयान
डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि हालात पर काबू पाने के लिए एडीजी जोन गोरखपुर केएस प्रताप कुमार और डीआईजी रेंज देवीपाटन अमरेंद्र प्रताप सिंह को बहराइच भेजा गया है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा, और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हत्या में भरुआ कारतूस का प्रयोग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रामगोपाल के शरीर पर छर्रे के 20 से अधिक निशान थे, जिससे आशंका है कि उन्हें भरुआ कारतूस से गोली मारी गई थी। इस घटना के बाद से बहराइच में माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है, और पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

फिर से शुरू हुआ विसर्जन
सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा की गई अपील के बाद देर रात पूजा समितियों ने धीरे-धीरे प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू किया। हालांकि, विसर्जन के दौरान डीजे बजाने की अनुमति नहीं दी गई और पुलिस की कड़ी निगरानी में यह कार्य संपन्न हुआ।
इस सांप्रदायिक हिंसा ने पूरे बहराइच जिले में शांति भंग कर दी है, और प्रशासन के लिए इसे नियंत्रित करना एक चुनौती बन गया है।



