ईद उल-फितर के जश्न में बवाल: यूपी और हरियाणा में कई जगह हिंसा और झड़पें

लखनऊ: ईद उल-फितर 2025 के मौके पर उत्तर प्रदेश और हरियाणा में कई जगह ईद की नमाज के दौरान हिंसा और झड़पें देखने को मिलीं। यूपी में सड़क पर नमाज पढ़ने पर लगी रोक के चलते कई स्थानों पर पुलिस और नमाजियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। सहारनपुर में नमाज के बाद लोगों ने फिलिस्तीन के झंडे लहराए, जबकि मेरठ और मुरादाबाद में पुलिस के साथ झड़प की खबरें आईं।
मेरठ में ईद की नमाज के बाद कुछ लोगों ने सड़कों पर पोस्टर लहराए, जिनमें सड़क पर नमाज पढ़ने पर लगी रोक का विरोध किया गया। पोस्टरों पर लिखा था कि केवल मुस्लिम ही नहीं, बल्कि हिंदू त्योहारों पर भी सड़कों का उपयोग होता है। पुलिस ने माहौल को नियंत्रित करने की कोशिश की और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
लखनऊ: अखिलेश यादव ने उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उन्हें ऐशबाग ईदगाह में ईद की नमाज अदा करने से रोका गया। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। अखिलेश यादव ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह तानाशाही और आपातकाल जैसी स्थिति है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर ईद के मौके पर इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था क्यों की गई।
मेरठ: एक ही समुदाय के दो गुटों में झड़प
मेरठ के सिवाल खास क्षेत्र में एक ही समुदाय के दो गुटों में ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे चले। बताया जा रहा है कि रविवार शाम हुई कहासुनी के बाद सोमवार को नमाज के बाद दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। झगड़े में कई लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुरादाबाद में गलशहीद क्षेत्र स्थित ईदगाह में नमाज पढ़ने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। जगह की कमी के चलते पुलिस ने लोगों को सड़क पर नमाज पढ़ने से रोका। इस पर लोग भड़क उठे और हंगामा शुरू हो गया। हालांकि पुलिस ने सूझबूझ से स्थिति को काबू में किया। सहारनपुर में ईद की नमाज के बाद कुछ लोगों ने फिलिस्तीन के झंडे लहराए और काली पट्टियां बांधकर विरोध जताया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने का प्रयास किया और हालात को काबू में रखा।
हरियाणा नूंह: दो गुटों में मारपीट
हरियाणा के नूंह में ईद की नमाज के बाद दो पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले। पुरानी रंजिश के चलते हुए इस विवाद में करीब 12 लोग घायल हो गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कई लोगों को हिरासत में लिया है।
ईद के जश्न में इस तरह के विवाद और हिंसा ने शांति व्यवस्था को चुनौती दी है। पुलिस ने सभी घटनाओं की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



