मुख्य सचिव शारदा मुरलीधरन का करारा जवाब – ‘काला रंग शक्ति का प्रतीक है

शारदा मुरलीधरन का सोशल मीडिया पर अपने सांवलेपन पर की गई टिप्पणियों पर दी बेबाक प्रतिक्रिया
केरल। राज्य की मुख्य सचिव शारदा मुरलीधरन ने सोशल मीडिया पर अपने सांवले रंग को लेकर की गई टिप्पणियों का करारा जवाब दिया है। उन्होंने फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि वह पिछले 50 सालों से अपने कालेपन को लेकर तंज और पूर्वाग्रहों का सामना कर रही हैं, लेकिन अब उन्होंने इस मानसिकता को चुनौती देने का फैसला किया है। उन्होंने लिखा, “मैं 50 साल से अधिक समय से इस कहानी के तले दबी रही हूं कि मेरा रंग अच्छा नहीं है।” उनकी इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर नस्लीय और लैंगिक भेदभाव को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी। कई लोगों ने उनका समर्थन किया और काले रंग को लेकर समाज में बनी मानसिकता पर सवाल उठाए। शारदा मुरलीधरन ने बताया कि बचपन से ही उन्हें अपने रंग के कारण कमतर महसूस कराया जाता था, लेकिन उनके बच्चों ने उन्हें यह अहसास कराया कि काला रंग भी खूबसूरत होता है। जब वह सितंबर 2024 में राज्य की मुख्य सचिव बनीं, तो उनके रंग को लेकर कई टिप्पणियां की गईं, जिन्हें उन्होंने नजरअंदाज कर दिया। लेकिन हाल ही में एक अनाम यूजर ने सोशल मीडिया पर उनके रंग को लेकर एक टिप्पणी की, जिससे वह आहत हुईं और अपनी भावनाएं व्यक्त करने का निर्णय लिया।
उन्होंने लिखा, “काले रंग को बदनाम क्यों किया जाता है? काला रंग ब्रह्मांड का सत्य है, यह सबसे शक्तिशाली ऊर्जा का प्रतीक है, यह हर किसी पर फबता है, यह आत्मविश्वास, गरिमा और शक्ति का रंग है।”
शारदा की इस पोस्ट ने एक नई सोच को जन्म दिया है और समाज में गहरे बैठे रंगभेद को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।



