उत्तर प्रदेशधर्म

स्वच्छ प्रयागराज: महाकुम्भ को सुव्यवस्थित बनाएगा बायो सीएनजी प्लांट, मुख्यमंत्री योगी ने किया निरीक्षण

स्वच्छ और सुव्यवस्थित महाकुम्भ की परिकल्पना को साकार करने के लिए नैनी में प्रदेश का पहला म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट (एमएसडब्ल्यू) आधारित बायो सीएनजी प्लांट तैयार है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज दौरे के दौरान इस अत्याधुनिक प्लांट का निरीक्षण किया और महाकुम्भ की तैयारियों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह बायो सीएनजी प्लांट प्रधानमंत्री के ‘वेस्ट टू वेल्थ’ मिशन का आदर्श उदाहरण है। यह महाकुम्भ में स्वच्छता सुनिश्चित करने के साथ ही प्रयागराज के लिए एक स्थायी समाधान होगा।” 200 टन गीले कचरे से प्रतिदिन 21.5 टन बायो सीएनजी और 209 टन जैविक खाद का उत्पादन इस प्लांट से होगा, जिससे 56700 टन कार्बन उत्सर्जन में वार्षिक कमी आएगी।

महाकुम्भ के लिए खास तैयारियां
मुख्यमंत्री ने संगम ऐरावत घाट और संगम नोज घाट का निरीक्षण करते हुए तीर्थयात्रियों की सुविधा और स्नान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ को सिंगल यूज प्लास्टिक फ्री बनाया जाएगा। घाट प्रबंधन के लिए 5000 कुंभ सेवा मित्रों की तैनाती और उनका विधिवत प्रशिक्षण कराया जा रहा है।

 

स्टील ब्रिज: संगम तक आवागमन का नया साधन
मुख्यमंत्री ने फाफामऊ में गंगा नदी पर निर्माणाधीन स्टील ब्रिज का भी निरीक्षण किया। यह स्टील ब्रिज महाकुम्भ में तीर्थयात्रियों के लिए संगम तक पहुंचने का सबसे सरल मार्ग बनेगा। यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश, अयोध्या, लखनऊ और दिल्ली जैसे स्थानों से आने वाले श्रद्धालुओं को नगर में प्रवेश किए बिना सीधे महाकुम्भ मेला तक पहुंचने की सुविधा देगा।
त्रिवेणी संगम पर पूजा और दर्शन
मुख्यमंत्री ने किले के समीप वीआईपी घाट का भी निरीक्षण किया और त्रिवेणी संगम पर विशेष पूजा की। इसके बाद उन्होंने बड़े हनुमान जी के दर्शन कर तीर्थयात्रियों के लिए उत्तम व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की बात कही।
महाकुम्भ 2025 को ध्यान में रखते हुए इन सभी तैयारियों का उद्देश्य प्रयागराज को एक स्वच्छ और सुव्यवस्थित तीर्थनगरी बनाना है। बायो सीएनजी प्लांट, स्टील ब्रिज और घाटों की बेहतर व्यवस्थाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

Related Articles

Back to top button