उत्तर प्रदेश

UP News: सीएम योगी ने अस्पताल पहुंचकर जाना बीमार बच्चों का हाल, 27 का चल रहा इलाज

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल पहुंचे। उन्होंने निर्वाण संस्था के मानसिक मंदित बीमार बच्चों का हाल जाना। चार दिन पहले खाना खाने के बाद संस्था के करीब 70 बच्चे बीमार हो गए थे, जिनमें से चार बच्चों की मौत हो चुकी है और 27 बच्चों का इलाज अभी भी जारी है।

बच्चों से मिलकर भावुक हुए मुख्यमंत्री

सीएम योगी ने अस्पताल में बच्चों के बेड पर जाकर उनके इलाज की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने डॉक्टरों को निर्देश दिया कि बच्चों का समुचित इलाज सुनिश्चित करें और पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही उन्हें डिस्चार्ज किया जाए। मुख्यमंत्री ने बच्चों के खाने-पीने की उचित व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया।

स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा

लोकबंधु अस्पताल के एमएस डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि फूड पॉइजनिंग से प्रभावित 16 बच्चों को वार्ड नंबर 30 में भर्ती किया गया है। सभी बच्चों की हालत फिलहाल सामान्य है और उनकी नियमित निगरानी की जा रही है। इस दौरान प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव लीना जौहरी, लखनऊ मंडलायुक्त डॉ. रौशन जैकब, जिलाधिकारी विशाख जी और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

मौत की वजह और जांच प्रक्रिया

23 मार्च की रात भोजन के बाद बच्चों में उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई। इस दौरान 15 वर्षीय शिवांक और 12 वर्षीय सूरज की मौत हो गई। इसके बाद रेनू (15) और दीपा (15) की भी मृत्यु हो गई। अब तक कुल चार बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि एक बच्चे की हालत नाजुक है और वह आईसीयू में भर्ती है।

डेथ ऑडिट और जांच के निर्देश

सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि बच्चों की मौत का डेथ ऑडिट कराया जाएगा। इसके लिए डॉक्टरों की एक समिति बनाई गई है जिसमें डॉ. अरुण तिवारी, डॉ. पीसी तिवारी और डॉ. सबीह मजहर शामिल हैं। समिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य पहलुओं की गहन जांच करेगी।

कहां-कहां बच्चे भर्ती हैं?

  • लोकबंधु अस्पताल: 16 बच्चे

  • बलरामपुर अस्पताल: 3 बच्चे

  • केजीएमयू गांधी वार्ड: 1 बच्चा

  • संस्था में इलाजरत: 7 बच्चे

निर्वाण आश्रय केंद्र पारा इलाके के बुद्धेश्वर में स्थित है और पीपीपी मॉडल पर संचालित होता है। यहां 10 से 18 वर्ष के बीच के 147 बच्चे रहते हैं, जिनमें से अधिकांश मानसिक रूप से कमजोर, अनाथ और लावारिस हैं।

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