उत्तर प्रदेश

सीएम योगी ने किया महाकुंभ-2025 के प्रतीक चिन्ह का अनावरण, साधु-संतों संग की बैठक, तैयारियों का लिया जायजा

रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में महाकुंभ-2025 की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने महाकुंभ के प्रतीक चिन्ह (लोगो) का अनावरण किया और महाकुंभ की वेबसाइट और ऐप भी लॉन्च किए। मुख्यमंत्री ने संगम क्षेत्र का निरीक्षण स्पेशल बोट से किया, उनके साथ कैबिनेट मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, राकेश सचान और नंद गोपाल गुप्ता नंदी भी उपस्थित थे।
महाकुंभ की तैयारियों पर संतों के साथ बैठक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परेड मैदान में साधु-संतों के साथ महाकुंभ की तैयारियों पर समीक्षा बैठक की। बैठक का शुभारंभ मंगलाचरण और स्वस्तिवाचन के साथ हुआ। इस अवसर पर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष, महामंत्री और प्रमुख साधु-संतों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।

 

अखाड़ों की विशेष मांगें
बैठक के दौरान अखाड़ा परिषद ने कुंभ मेले की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग रखी, जिसमें भूमि सुविधाओं को बढ़ाने और भक्त निवास के लिए पिछले कुंभ की तुलना में दोगुना अधिक बजट प्रदान करने का प्रस्ताव शामिल था। अखाड़ों ने यह भी कहा कि मेले के दौरान बजरी के इस्तेमाल से बचा जाए, ताकि भूमि पर किसी तरह का नुकसान न हो।
महाकुंभ की भव्य तैयारी
बैठक में 13 प्रमुख अखाड़ों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ दंडीवाड़ा, आचार्य वाड़ा, प्रयागवाल सभा, तीर्थ पुरोहितों और बैरागी, संन्यासी, वैष्णव संतों के प्रमुख पीठाधीश्वर भी शामिल थे। खास चौक के संत भी अपने पूरे जमात के साथ पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने सभी प्रमुख संतों और अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों के साथ विशेष मुलाकात की और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।
योगी सरकार की प्रतिबद्धता
महाकुंभ-2025 के आयोजन को भव्य और दिव्य बनाने की दिशा में योगी सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने अफसरों को निर्देश दिए कि वे महाकुंभ की तैयारियों में कोई कसर न छोड़ें और संत समाज की मांगों को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से पूरा करें।
महाकुंभ का आयोजन हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए एक विशेष धार्मिक अवसर होता है, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु और साधु-संत भाग लेते हैं। इस बार सरकार इसे और भी भव्य रूप से आयोजित करने का लक्ष्य लेकर चल रही है, ताकि श्रद्धालुओं को हर सुविधा का लाभ मिल सके।

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