लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ज्ञानवापी मुद्दे पर एक बड़ा बयान दिया है। गोरखपुर यूनिवर्सिटी में नाथपंथ पर आयोजित संगोष्ठी के दौरान उन्होंने कहा, “ज्ञानवापी साक्षात भगवान विश्वनाथ हैं। आज लोग इसे मस्जिद कहते हैं, लेकिन वास्तव में यह भगवान विश्वनाथ का ही रूप है।”
सीएम योगी ने कहा कि नाथ परंपरा हमेशा से सभी को जोड़ने की कोशिश करती रही है। गुरु गोरखनाथ ने भी राष्ट्रीय एकता की ओर ध्यान आकर्षित किया था। उन्होंने आदिशंकराचार्य का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे काशी में भगवान विश्वनाथ ने उनकी परीक्षा ली थी और उन्हें साक्षात ज्ञान का अनुभव कराया था।
उन्होंने इस अवसर पर हिंदी भाषा की महत्ता पर भी बल दिया। हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “हिंदी देश को जोड़ने की एक व्यवहारिक भाषा है, जिसे देश की बड़ी आबादी जानती है। इसका मूल संस्कृत से है, और यदि हम अपनी भाषा और भाव स्वयं की नहीं रखते, तो प्रगति प्रभावित होगी।”
सीएम ने इस बात पर भी जोर दिया कि पिछले 10 वर्षों में मोदी सरकार ने हिंदी को हर स्तर पर प्रोमोट किया है, और अब मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में भी हिंदी में पाठ्यक्रम उपलब्ध हो रहे हैं।
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