उत्तर प्रदेश

कृष्ण जन्माष्टमी पर सीएम योगी का संदेश

श्रीकृष्ण की शिक्षाएँ संविधान के मौलिक कर्तव्यों का आधार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ के रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित जन्माष्टमी कार्यक्रम में भाग लिया और भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को भारतीय संविधान से जोड़ते हुए समाज को प्रेरणादायी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण की शिक्षाएँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं और संविधान के मौलिक कर्तव्यों का हिस्सा हैं, जिन्हें डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान में शामिल किया था। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि श्रीकृष्ण के आदर्शों पर चलते हुए समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखें। भगवान कृष्ण का जीवन प्रत्येक नागरिक को निस्वार्थ भाव से काम करने और अपने कर्तव्यों का पालन करने की प्रेरणा देता है। यही कारण है कि उनकी शिक्षाएँ न केवल आमजन को बल्कि पुलिस बल को भी कर्तव्यनिष्ठा की ओर प्रेरित करती हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही ‘पुण्यवानों की रक्षा और दुष्टों के विनाश’ का उद्घोष हुआ था। यह संदेश आज भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने समाज को आवाहन किया कि हमें धर्म और नीति के मार्ग पर चलकर समाज व राष्ट्र कल्याण के लिए काम करना चाहिए। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री मथुरा पहुँचे, जहाँ उन्होंने कृष्ण जन्मभूमि पर पूजा-अर्चना की। सुबह करीब 11:50 बजे वे ठाकुर केशवदेव और माता योगमाया मंदिर पहुँचे और गर्भगृह में भगवान कृष्ण चबूतरे पर पूजा की। इसके बाद भागवत भवन में दर्शन करते हुए उन्होंने भक्तों के साथ ‘वृंदावन बिहारी लाल की जय’ और ‘जय श्री राधे’ के उद्घोष किए, जिससे पूरा परिसर भक्ति भाव से सराबोर हो गया।

मुख्यमंत्री ने भगवान कृष्ण की 5252वीं जयंती पर प्रदेश और देशवासियों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि ब्रजभूमि भगवान विष्णु के पूर्णावतार श्रीकृष्ण की लीलाओं की पावन भूमि है और यह उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि अयोध्या से मथुरा तक अनेक अवतारों की स्मृति यहाँ सुरक्षित है। सीएम योगी ने आगे कहा कि बीते आठ वर्षों से उन्हें जन्माष्टमी और बरसाना के रंगोत्सव में भाग लेने का अवसर मिलता रहा है। उनकी सरकार मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल, बलदेव, गोवर्धन और राधाकुंड को वैश्विक तीर्थस्थलों के रूप में विकसित करने और सनातन विरासत के गौरव को पुनर्स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

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