वाराणसी में कोडीन सिरप रैकेट: बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह गिरफ्तार

निश्चय टाइम्स, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध व्यापार के खिलाफ एसटीएफ की कार्रवाई लगातार जारी है। इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें मुख्य सरगना शुभम जायसवाल का पिता भोला प्रसाद और बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह शामिल हैं। आज बड़ी कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने लखनऊ से बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह को गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार, आरोपी कोर्ट में सरेंडर की अर्जी देने की तैयारी में था, लेकिन इससे पहले ही एसटीएफ ने उसे पकड़ लिया। आलोक सिंह के खिलाफ पहले ही लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था ताकि वह विदेश न भाग सके।
मुख्य सरगना शुभम जायसवाल, उनके पिता भोला प्रसाद और 28 अन्य दवा कारोबारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, गिरोह ने लाखों फर्जी बिल तैयार कर 89 लाख शीशियों की खरीद-बिक्री दिखाई, जिसकी अनुमानित कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक है। यह रैकेट न केवल वाराणसी बल्कि कई अन्य राज्यों में भी सक्रिय था। जांच में पता चला कि काशी के 93 मेडिकल स्टोरों के नाम पर 84 लाख शीशियों की लेन-देन दिखाई गई, जबकि इनमें से अधिकांश स्टोर मौजूद ही नहीं थे। गिरोह ने इन फर्मों का इस्तेमाल केवल अवैध कफ सिरप के कारोबार को वैध दिखाने के लिए किया। फर्जी GST और लाइसेंस नंबरों का उपयोग कर अवैध बिलिंग की गई। बंद फर्मों के नाम पर भारी मात्रा में सिरप बेचा गया, जिसे विभिन्न शहरों में नशे के रूप में भेजा गया। कुछ फर्में, जैसे श्री बालाजी मेडिकल, डीएमए फार्मा, सृष्टि फार्मा और निशांत फार्मा, पूरी तरह बंद होने के बावजूद इनके नाम पर लाखों की बिलिंग दिखाई गई। इस गिरोह का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल फिलहाल विदेश भाग चुका है और गाजियाबाद पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। पुलिस और एसटीएफ अन्य आरोपियों की तलाश के लिए उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। इस कार्रवाई के बाद कफ सिरप तस्करी में शामिल अन्य आरोपियों में हड़कंप मचा हुआ है।


