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सांसद रामचंद्र जांगड़ा का विवादित बयान: “सैलानी महिलाएं लड़तीं तो कम लोग मरते”

पहलगाम आतंकी हमले पर उठे तीखे सवाल, विपक्षी नेताओं पर भी जमकर बरसे

राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में हैं। देवी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर आयोजित संगोष्ठी में उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर महिलाओं की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि “अगर सैलानी महिलाएं झांसी की रानी जैसी वीरता दिखातीं, तो इतने लोग नहीं मरते।”

उन्होंने कहा कि पहलगाम में महिलाएं और बेटियां वीरांगनाओं सा जज्बा दिखातीं, तो आतंकी भी मारे जाते। “हाथ जोड़ने से आतंकी नहीं रुकते, अगर वहां अग्निवीर होते तो वे मुकाबला करते और नुकसान कम होता,” उन्होंने कहा।

जब मीडिया ने उनसे आतंकी आरोपियों की गिरफ्तारी पर सवाल किया तो वे जवाब टाल गए। बोले, “भले ही आरोपी न पकड़े गए हों, लेकिन सेना ने उनके ठिकानों को नष्ट किया है।”

जांगड़ा ने कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा को “अहंकारी” बताया। रोहतक में डीसी से उनकी बहस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर हुड्डा समय पर मीटिंग में आते, तो डीसी उनका स्वागत करते।

वहीं कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा से भाजपा पार्षद द्वारा हुई मारपीट को गलत बताया और कहा कि अरोड़ा की बात सही थी कि प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित नहीं थे।

 राहुल गांधी और थरूर पर राय

राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “वो विदेश जाकर देश की बदनामी करते हैं, इसलिए कोई उन्हें गंभीरता से नहीं लेता।” इसके विपरीत शशि थरूर की सराहना की और कहा कि वह “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान की सच्चाई को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उजागर कर रहे हैं।

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