
मशहूर पार्श्व गायक उदित नारायण पर सुपौल के परिवार न्यायालय ने सोमवार को 10 रुपये का जुर्माना लगाया। यह जुर्माना उनकी और उनके वकील की गैरहाजिरी के चलते लगाया गया। मामला उदित नारायण की पहली पत्नी रंजना नारायण झा द्वारा वर्ष 2020 में दायर एक मुकदमे का है, जिसमें उन्होंने अपने दाम्पत्य जीवन को पुनः स्थापित करने की मांग की थी।
अदालत ने नाराजगी जताते हुए दी अंतिम तारीख
परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश राहुल उपाध्याय ने उदित नारायण को 28 जनवरी 2025 तक जवाब दाखिल करने का अंतिम मौका दिया है। कोर्ट ने साफ किया कि यदि अगली तारीख तक जवाब नहीं दिया गया तो मामले में आगे की कार्यवाही शुरू की जाएगी।
याचिकाकर्ता के वकील अजय सिंह ने बताया कि यह मामला 2020 से लंबित है। सुनवाई के दौरान उदित नारायण और उनके वकील दोनों ही उपस्थित नहीं हुए, जिससे अदालत ने नाराजगी जाहिर की और जुर्माना लगाया।
रंजना नारायण ने लगाए गंभीर आरोप
रंजना नारायण झा ने कहा कि उन्हें अब सिर्फ अदालत पर भरोसा है। उन्होंने उदित नारायण के साथ रहने की इच्छा जताते हुए कहा:
“उम्र ज्यादा हो गई है और अब मैं बीमार भी रहती हूं। मैं उदित जी के साथ रहना चाहती हूं, लेकिन उन्होंने केवल आश्वासन ही दिया है। जब भी वह गांव आते हैं तो वादे करके चले जाते हैं। फोन पर भी कहते हैं कि जल्द साथ ले जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं होता।”
रंजना ने आरोप लगाया कि उदित नारायण मुंबई में किसी और महिला के साथ रहते हैं। उन्होंने कहा कि जब वह उदित नारायण से मिलने मुंबई जाती हैं तो उनके पीछे गुंडे छोड़ दिए जाते हैं ताकि वह डरकर वापस लौट जाएं।
शादी का जिक्र करते हुए रंजना ने जताई नाराजगी
रंजना नारायण ने दावा किया कि उनकी शादी उदित नारायण से वर्ष 1984 में हुई थी। उन्होंने कहा:
“मैं उदित नारायण की पहली पत्नी हूं और उनके साथ रहने का पूरा अधिकार रखती हूं। लेकिन अब मुझे सिर्फ न्यायालय से उम्मीद है।”



