जेवर एयरपोर्ट पर श्रेय की जंग, विकास से ज्यादा राजनीति हावी
नाम बदलने और राजनीति में उलझा यूपी, जनता के मुद्दे पीछे छूटे

बीएसपी का दावा—हमारी सरकार में रखी नींव, दूसरों ने रोका विकास
निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क:
जेवर स्थित Noida International Airport के पहले चरण के उद्घाटन के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर श्रेय लेने की होड़ में उलझती नजर आ रही है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की ओर से दावा किया गया है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की नींव उनकी सरकार के कार्यकाल में ही रखी गई थी और यदि उस समय केंद्र की Indian National Congress सरकार ने अड़चनें न डाली होतीं, तो यह परियोजना बहुत पहले पूरी हो सकती थी।
बयान में समाजवादी पार्टी (SP) पर भी तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया गया है कि उसने अपने कार्यकाल में विकास कार्यों की बजाय राजनीतिक द्वेष को प्राथमिकता दी। खासकर बीएसपी सरकार द्वारा समाज के कमजोर वर्गों के लिए किए गए कार्यों को निष्क्रिय करने, संस्थानों और स्मारकों के नाम बदलने तथा बहुजन महापुरुषों के सम्मान से जुड़े स्थलों की उपेक्षा करने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप से असली मुद्दे—जैसे रोजगार, बुनियादी ढांचा और क्षेत्रीय संतुलन—पिछड़ जाते हैं। जनता को विकास की ठोस उपलब्धियों के बजाय राजनीतिक बयानबाज़ी ज्यादा सुनने को मिल रही है।
इसी बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की अलग बेंच और अलग राज्य की मांग का मुद्दा भी फिर उछाला गया है। सवाल यह है कि दशकों से लंबित ये मांगें अब तक पूरी क्यों नहीं हो पाई हैं?
स्पष्ट है कि जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन जहां विकास का प्रतीक बन सकता था, वहीं अब यह राजनीतिक श्रेय की लड़ाई का केंद्र बन गया है। ऐसे में जनता के सामने चुनौती है कि वह दावों और वास्तविकता के बीच अंतर को समझे और अपने भविष्य के लिए सही निर्णय ले।


