उत्तर प्रदेश

यूपी के बहराइच में बेटियों पर संकट: 14 दिन में 17 लड़कियां रहस्यमय तरीके से लापता

पिछले 14 दिनों में उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से 17 लड़कियां रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गईं। इनमें 14 किशोरियां और 3 युवतियां शामिल हैं। बाजार, खेत, कोचिंग जैसी अलग-अलग जगहों से बेटियां गायब हुईं, जिससे परिवार सदमे में हैं। पुलिस ने गुमशुदगी के मामले दर्ज कर लड़कियों की तलाश शुरू कर दी है।

घटनाएं जो सवाल खड़े करती हैं

  • हरदी थाना:
    • 9 नवंबर को एक महिला की 12 वर्षीय बेटी और उसकी बहन की 13 वर्षीय बेटी खेत में उरद काटने गईं, लेकिन वापस नहीं लौटीं।
    • एक अन्य मामला 15 वर्षीय किशोरी का है, जिसे पिता ने नौ नवंबर को गायब बताया।
  • दरगाह शरीफ थाना:
    • 4 नवंबर को एक 14 वर्षीय किशोरी कोचिंग पढ़ने गई और फिर वापस नहीं लौटी।
    • 5 नवंबर को एक 19 वर्षीय युवती को कुछ लोग कथित तौर पर घर से अपने साथ ले गए।
  • कैसरगंज कोतवाली:
    • 27 अक्तूबर को 16 वर्षीय किशोरी बाजार गई और 46 हजार नकदी और तीन जोड़ी पायल लेकर घर नहीं लौटी।
  • मटेरा थाना:
    • 4 नवंबर को 17 वर्षीय लड़की घर में झगड़े के बाद लापता हो गई।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

लापता लड़कियों के परिवारों ने कई लोगों पर अपहरण का आरोप लगाया है:
  • मोतीपुर: 2 नवंबर को 21 वर्षीय युवती के गायब होने का मामला।
  • मुर्तिहा कोतवाली: 5 नवंबर को 16 वर्षीय लड़की को बाबू नामक व्यक्ति पर ले जाने का आरोप।
  • विशेश्वरगंज: एक महिला ने गोंडा निवासी मोनू पर 18 वर्षीय बेटी को ले जाने का आरोप लगाया।

किसानों और मजदूरों की बेटियां निशाने पर?

अधिकतर लापता लड़कियां ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। वे खेत, बाजार या कोचिंग जाते वक्त गायब हुईं। पुलिस के अनुसार, कुछ मामलों में घरेलू विवाद की वजह से लड़कियां घर छोड़कर गई हैं, लेकिन अपहरण और अन्य संभावनाओं को भी नकारा नहीं जा सकता।

पुलिस की कार्रवाई और परिवारों की चिंता

पुलिस ने सभी गुमशुदगी के मामलों की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें गठित की हैं।
  • परिजनों का कहना है कि उनकी बेटियों का पता लगाने में पुलिस को तेजी दिखानी चाहिए।
  • कई परिवार बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और अन्य घटनाओं के डर से सहमे हुए हैं।

सवाल जो खड़े होते हैं

  • इतने कम समय में 17 लड़कियों का गायब होना क्या किसी बड़े गिरोह की करतूत है?
  • क्या लड़कियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सचेत है?
यह घटनाएं सरकार और समाज के लिए चिंता का विषय हैं, क्योंकि बेटियों की सुरक्षा हर किसी की प्राथमिकता होनी चाहिए। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इन मामलों की गुत्थी सुलझाई जाएगी।

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