लखनऊ के धार्मिक स्थलों और गोमती घाटों के विकास को मिली मंजूरी

उत्तर प्रदेश सरकार ने राजधानी लखनऊ में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बड़ी योजना को मंजूरी दी है। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि गोमती नदी के घाटों और शहर के प्रमुख प्राचीन मंदिरों के सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास के लिए 9 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
इस योजना के अंतर्गत दस प्रमुख स्थलों का समग्र विकास किया जाएगा। इनमें काकोरी स्थित शीतला माता मंदिर, चौक के कोनेश्वर महादेव मंदिर, अम्बेडकर नगर के प्राचीन शिव मंदिर, अमलौली की कालिका देवी मंदिर, अठनारू ग्राम के हनुमान मंदिर, जलसाईनाथ मंदिर, बरिगवां का ज्वाला मां मंदिर, संझिया घाट, रामजानकी मंदिर और घटघटा बाबा देवस्थान शामिल हैं।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश धार्मिक पर्यटन में देश में अग्रणी स्थान पर है और लखनऊ की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। गोमती नदी के घाटों के आसपास पर्यटन विकास, प्रकाश व्यवस्था, सूचना केंद्रों की स्थापना और बुनियादी सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण इन परियोजनाओं का प्रमुख हिस्सा होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि महाकुंभ-2025 जैसे आयोजनों के माध्यम से प्रदेश की धार्मिक धरोहर को वैश्विक मंच पर पहचान मिली है, और यह पहल राज्य को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की दिशा में ले जाने में सहायक सिद्ध होगी। इससे न केवल स्थानीय रोजगार बढ़ेगा बल्कि पर्यटकों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी |


