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देवेंद्र फडणवीस होंगे महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री, आज करेंगे सरकार बनाने का दावा

महाराष्ट्र में राजनीतिक सस्पेंस खत्म हो गया है। भाजपा ने देवेंद्र फडणवीस को राज्य का नया मुख्यमंत्री घोषित किया है। वह आज सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे और 5 दिसंबर को शपथ लेंगे। फडणवीस को भाजपा विधायक दल का सर्वसम्मति से नेता चुना गया है।
भाजपा विधायक दल की बैठक में हुआ फैसला
भाजपा की विधायक दल की बैठक में चंद्रकांत पाटिल ने देवेंद्र फडणवीस के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे पंकजा मुंडे ने अनुमोदित किया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने इस बैठक की निगरानी की। भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने बताया कि महायुति (भाजपा, शिवसेना, एनसीपी) के सहयोगी दल आज 3:30 बजे राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।
फडणवीस तीसरी बार बनेंगे मुख्यमंत्री
देवेंद्र फडणवीस का महाराष्ट्र की राजनीति में कद लगातार बढ़ता रहा है। 2014 में वह पहली बार मुख्यमंत्री बने थे। पिछले कार्यकाल में वह शिंदे सरकार में उपमुख्यमंत्री थे। इस बार महायुति गठबंधन की ऐतिहासिक जीत के बाद वह तीसरी बार प्रदेश की कमान संभालने जा रहे हैं।
महायुति को प्रचंड जीत
महायुति ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 230 सीटों पर जीत दर्ज की।
  • भाजपा: 132 सीटें
  • एकनाथ शिंदे की शिवसेना: 57 सीटें
  • अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी: 41 सीटें
शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां
शपथ ग्रहण समारोह 5 दिसंबर को मुंबई के आजाद मैदान में होगा। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने तैयारियों का जायजा लिया और बताया कि कार्यक्रम को भव्य बनाया जाएगा।
महायुति में एकजुटता का दावा
शिवसेना प्रवक्ता किरण पावसकर ने कहा कि महायुति के भीतर कोई असहमति नहीं है। भाजपा के पास सबसे ज्यादा संख्या बल है, इसलिए मुख्यमंत्री पद उसकी स्वाभाविक दावेदारी है। शिवसेना और एनसीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी मंत्रालय के लिए दबाव नहीं बनाएंगे।
फडणवीस की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री पद की घोषणा के बाद फडणवीस ने कहा कि उनकी प्राथमिकता राज्य के विकास और लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना है। उन्होंने महायुति के सभी घटकों का समर्थन करने का आभार व्यक्त किया।
अब नजरें 5 दिसंबर के शपथ ग्रहण समारोह पर हैं, जो महाराष्ट्र के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने वाला है।

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