दिवाली और छठ पूजा के दौरान अपने घर लौटने की चाह रखने वाले यात्रियों को ट्रेनों में कन्फर्म सीट पाने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली से बिहार जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में आरक्षित सीटों की वेटिंग लिस्ट 100 से अधिक हो चुकी है, जिससे यात्रियों के लिए कन्फर्म टिकट पाना लगभग असंभव हो गया है।
ट्रेनों में ‘नो रूम’ की स्थिति
दिल्ली-बिहार मार्ग पर चलने वाली सभी प्रमुख ट्रेनों में सीट उपलब्ध नहीं है। इनमें पूर्वा एक्सप्रेस, गरीब रथ, कैफियात एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस, लिच्छवी, नार्थ ईस्ट, आम्रपाली एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस, महानंदा एक्सप्रेस, सीमांचल एक्सप्रेस, मगध और महाबोधि एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों की भारी मांग है। इन ट्रेनों में ‘नो रूम’ की स्थिति बनी हुई है, यानी अब इनमें कोई सीट उपलब्ध नहीं है।
तत्काल टिकट पर टिकी हैं उम्मीदें
जो यात्री रिजर्वेशन नहीं करा सके हैं, उनकी नजरें अब तत्काल टिकट पर टिकी हैं। हालांकि, तत्काल टिकट भी आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि त्योहारों के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ के चलते 24 घंटे पहले ही तत्काल टिकट की बुकिंग शुरू हो जाती है, लेकिन ‘नो रूम’ की स्थिति के कारण इसमें भी टिकट मिलने की संभावना बेहद कम होती है।
अतिरिक्त ट्रेनों की मांग
यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे कुछ अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन करेगा, लेकिन मांग के हिसाब से यह संख्या भी नाकाफी साबित हो रही है। यात्रा के दौरान लोगों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, और अधिकतर यात्री कन्फर्म सीट पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।