27 साल बाद चुनाव आयोगों की ऐतिहासिक बैठक, 2026 की ‘राष्ट्रीय घोषणा’ से मजबूत होगा लोकतंत्र का ढांचा
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क, डी.एफ. हिंदी

नई दिल्ली के भारत मंडपम में 24 फरवरी 2026 को आयोजित राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन ने देश की चुनावी व्यवस्था को नई दिशा देने का संकेत दिया। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की पहल पर आयोजित इस बैठक में 30 राज्यों के चुनाव आयोगों ने भाग लेकर एकजुटता का संदेश दिया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में हुए इस सम्मेलन में निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी की मौजूदगी ने इसे और अहम बना दिया। 27 वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित इस सम्मेलन में राज्यों के चुनाव आयुक्तों ने इसे लोकतंत्र के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।
सम्मेलन में ‘राष्ट्रीय घोषणा 2026’ को अपनाते हुए यह स्पष्ट किया गया कि निष्पक्ष मतदाता सूची और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया ही लोकतंत्र की असली आधारशिला है। ईसीआई ने राज्यों के साथ मिलकर कानूनी और तकनीकी ढांचे को मजबूत करने का प्रस्ताव रखा, ताकि पंचायत से लेकर संसद तक चुनावी प्रक्रियाओं में बेहतर तालमेल स्थापित हो सके।
विशेष रूप से ईसी-आई-नेट, ईवीएम और मतदाता सूची प्रबंधन जैसे मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान (आईआईडीईएम) की विश्वस्तरीय सुविधाओं को राज्यों के साथ साझा करने की बात भी सामने आई।
सम्मेलन के अंत में यह तय हुआ कि इसे अब वार्षिक आधार पर आयोजित किया जाएगा और तीन महीनों के भीतर राज्यों से कार्ययोजना मांगी जाएगी। साफ है कि यह पहल राष्ट्रीय और संवैधानिक हितों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।



